Kerala Name Change: नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘केरल’ राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ (Keralam) करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। यह जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री Ashwini Vaishnaw ने मंत्रिमंडल की बैठक के उपरांत दी। मंत्री ने कहा कि यह कदम लंबे समय से चली आ रही उस मांग को पूरा करने की दिशा में है, जिसके अंतर्गत राज्य का नाम स्थानीय भाषा के अनुरूप रखने की अपेक्षा की जाती रही है। मलयालम में राज्य को ‘केरलम’ कहा जाता है, इसलिए सांस्कृतिक और भाषाई पहचान के अनुरूप नाम परिवर्तन का प्रस्ताव आगे बढ़ाया गया है। Kerala News
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय विधिसम्मत प्रक्रिया के अनुरूप ही लागू होगा। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत किसी राज्य के नाम में परिवर्तन के लिए संसद को विधेयक पारित करना आवश्यक होता है। इस प्रक्रिया में संबंधित राज्य की विधानसभा से राय प्राप्त की जाती है।
विधेयक, 2026’ को राष्ट्रपति की अनुशंसा पर राज्य विधानसभा को विचारार्थ भेजा जाएगा
कैबिनेट की स्वीकृति के बाद ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ को राष्ट्रपति की अनुशंसा पर राज्य विधानसभा को विचारार्थ भेजा जाएगा। राज्य विधानसभा की प्रतिक्रिया प्राप्त होने के पश्चात केंद्र सरकार विधेयक को संसद में प्रस्तुत करेगी। संसदीय स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद ही नाम परिवर्तन आधिकारिक रूप से प्रभावी होगा।
देश में पूर्व में भी कई राज्यों और शहरों के नाम स्थानीय भाषाई स्वरूप और ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप परिवर्तित किए गए हैं। उसी क्रम में अब Kerala का नाम ‘केरलम’ करने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया आरंभ की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के परिवर्तन सांस्कृतिक अस्मिता को सुदृढ़ करते हैं, किंतु प्रशासनिक स्तर पर दस्तावेजों, अभिलेखों और आधिकारिक संचार में आवश्यक संशोधन भी करने पड़ते हैं। यदि संसद से विधेयक पारित हो जाता है, तो आने वाले समय में राज्य का आधिकारिक नाम ‘केरलम’ हो जाएगा। Kerala News















