
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana: कैराना की प्रसिद्ध धार्मिक व रूहानी शख्सियत क़ारी मोहम्मद यूनुस ने रमज़ान के मुबारक महीने में शब-ए-क़द्र के मौके पर इस दुनिया को अलविदा कह दिया। वह पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। 16 मार्च को रमज़ान के 26वें रोज़े के दिन उनके इंतक़ाल की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और उनके आवास पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। क़ारी मोहम्मद यूनुस देखने में असमर्थ थे, लेकिन इसके बावजूद उनका अंतर्मन अत्यंत उज्ज्वल और रूहानियत से भरपूर था। इसी कारण क्षेत्र में लोग उन्हें बड़ी श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखते थे। वह दारुल उलूम देवबंद के पूर्व मुफ़्ती-ए-आज़म हज़रत मौलाना मुफ़्ती हबीबुर्रहमान ख़ैराबादी के ख़लीफ़ा थे और लंबे समय से दीन की सेवा में लगे हुए थे। उनके यहां हर सोमवार को ज़िक्रुल्लाह की रूहानी महफ़िल आयोजित होती थी, जिसमें आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करते थे। Kairana
क़ारी यूनुस ने शहर के प्रसिद्ध धार्मिक संस्थान मदरसा इशाअतुल इस्लाम में हज़रत मौलाना क़ारी नियामतुल्ला क़ासमी से तजवीद व क़िराअत की शिक्षा प्राप्त की थी। उनकी देखरेख में शहर के अलीशेर क्षेत्र में “मदरसा अरबिया ज़ाहिदिया इमदादुल उलूम” नाम से एक धार्मिक संस्थान भी संचालित हो रहा है। क़ारी साहब माली (बाग़बान) बिरादरी से संबंध रखते थे और अपने सादगीपूर्ण जीवन, उच्च चरित्र और धार्मिक सेवाओं के कारण समाज में अत्यंत सम्मानित थे। उनके परिवार में नदीम, औरंगजेब, शाह फैसल बेटे हैं। उनके इंतक़ाल की सूचना मिलते ही क्षेत्र के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जनाज़े की नमाज़ में हजारों लोगों ने शिरकत की। बाद में उन्हें भूरा चुंगी स्थित मालियों वाले कब्रिस्तान में नम आंखों के साथ सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया। जनाज़े में कैराना विधायक नाहिद हसन, पूर्व चेयरमैन राशिद अली, पूर्व चेयरमैन पुत्र अनम हसन, मोहम्मद अली सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और आम नागरिक मौजूद रहे। लोगों ने क़ारी मोहम्मद यूनुस की धार्मिक और रूहानी सेवाओं को याद करते हुए उनके लिए मग़फ़िरत की दुआ की। Kairana
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