नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी द्वारा इस माह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त के रूप में बड़ी राशि जारी की गई, जिससे देशभर के करोड़ों कृषकों को प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में धनराशि स्थानांतरित की गई, जिनमें उल्लेखनीय संख्या महिला लाभार्थियों की भी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, योजना के आरंभ से अब तक किसानों को कुल मिलाकर 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की जा चुकी है। इस दृष्टि से यह योजना विश्व की प्रमुख प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) पहलों में शामिल हो गई है, जिसने पारदर्शिता और त्वरित वितरण को सुनिश्चित किया है। KISAN Yojana News
यह योजना आधार प्रमाणीकरण तथा डिजिटल भूमि अभिलेखों के माध्यम से संचालित की जाती है, जिससे पात्र किसानों की पहचान सटीक रूप से हो सके और सहायता सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचे। केंद्र सरकार इसे किसानों के सम्मान और आय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानती है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में भी इस योजना के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान किया गया है।
योजना ने किसानों की आय में स्थिरता लाने में योगदान दिया
विशेषज्ञ संस्थानों के आकलन के अनुसार, इस योजना ने किसानों की आय में स्थिरता लाने में योगदान दिया है तथा उन्हें अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता कम करने में सहायता मिली है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में कृषकों ने इस सहायता का उपयोग कृषि निवेश, बीज, उर्वरक और अन्य संसाधनों की खरीद में किया है, जिससे उत्पादन में वृद्धि देखी गई है। दक्षिण भारत से लेकर द्वीप क्षेत्रों और पहाड़ी राज्यों तक, इस योजना के सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। कई किसानों ने समय पर मिलने वाली इस आर्थिक सहायता को खेती के आधुनिकीकरण और विविधीकरण के लिए उपयोगी बताया है।
उल्लेखनीय है कि यह केंद्रीय प्रायोजित योजना वर्ष 2019 में प्रारंभ की गई थी, जिसका उद्देश्य देश के भूमिधर किसान परिवारों को नियमित आय सहायता प्रदान करना है। इसके अंतर्गत प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है। KISAN Yojana News















