डबवाली (सच कहूँ/सुभाष)। आगामी रबी सीजन को ध्यान में रखते हुए मार्केट कमेटी ने अनाज मंडी की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। कमेटी के चेयरमैन सतीश जग्गा विभिन्न खरीद केंद्रों के आढ़तियों व संबंधित पक्षों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं, ताकि सीजन के दौरान किसानों, आढ़तियों और मजदूरों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। Sirsa News
कमेटी कार्यालय में लोहगढ़ खरीद केंद्र के आढ़तियों के साथ बैठक आयोजित की गई
इसी कड़ी में कमेटी कार्यालय में लोहगढ़ खरीद केंद्र के आढ़तियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें आढ़तियों ने अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। चेयरमैन सतीश जग्गा ने आश्वासन दिया कि सकारात्मक सुझावों को लागू कर इस बार खरीद व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने आढ़तियों से ग्राम पंचायत लोहगढ़ के साथ समन्वय स्थापित कर खरीद केंद्र के लिए जमीन की लीज मार्केटिंग बोर्ड के नाम करवाने का आह्वान किया, ताकि किसानों, मजदूरों और व्यापारियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा सकें। चेयरमैन ने निर्देश दिए कि किसानों के बैंक खातों का विवरण पोर्टल पर सही दर्ज किया जाए, जिससे भुगतान में किसी प्रकार की बाधा न आए।
साथ ही सभी इलेक्ट्रॉनिक कांटों (वजन मशीनों) की समय पर कैलिब्रेशन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, ताकि वजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। बैठक में सहायक सचिव ने बताया कि इस बार गेट पास से संबंधित नया नियम लागू किया गया है। इसके तहत फसल लेकर आने वाले वाहन की फोटो ली जाएगी, किसान या उसके प्रतिनिधि का बायोमेट्रिक किया जाएगा और गेट पास केवल जियो-फेंसिंग के तहत निर्धारित क्षेत्र में ही जारी होगा। आढ़तियों से अपील की गई कि वे इन नियमों की जानकारी पहले से किसानों तक पहुंचाएं। बैठक का संचालन मार्केट कमेटी सदस्य एवं लोहगढ़ खरीद केंद्र समन्वयक कमलकांत दुरेजा ने किया। इस अवसर पर मंडी सुपरवाइजर महावीर डूडी, तुला राम, जितेंद्र, मैनपाल सहित कई आढ़ती व अन्य उपस्थित रहे।
प्रशासन भी सतर्क, एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक | Sirsa News
दूसरी ओर प्रशासन भी पूरी तरह सक्रिय है। एसडीएम अर्पित संघल (आईएएस) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में रबी सीजन की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में चेयरमैन सतीश जग्गा सहित खरीद एजेंसियों के अधिकारी, ट्रांसपोर्टर, मार्केट कमेटी अधिकारी तथा कच्चा आढ़तिया एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान संभावित समस्याओं पर चर्चा कर उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।















