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Thursday, March 26, 2026
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    Crude Oil Price Hike: मिडिल ईस्ट तनाव से उछला कच्चा तेल, फिर 100 डॉलर पार, बाजार में बढ़ी चिंता

    Crude Oil Price Hike
    Crude Oil Price Hike Crude Oil Price Hike: मिडिल ईस्ट तनाव से उछला कच्चा तेल, फिर 100 डॉलर पार, बाजार में बढ़ी चिंता

    Crude Oil Price Hike:  मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर एक बार फिर वैश्विक तेल बाजार पर साफ दिखने लगा है। भारी गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी लौट आई है और ब्रेंट क्रूड फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।

    फिर चढ़ा क्रूड ऑयल | Crude Oil Price Hike

    ताज़ा आंकड़ों के अनुसार:

    • ब्रेंट क्रूड 1.13 डॉलर (1.1%) बढ़कर 103.35 डॉलर प्रति बैरल हो गया
    • WTI क्रूड 1.08 डॉलर (करीब 1.2%) बढ़कर 91.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया

    बुधवार को जहां तेल की कीमतों में करीब 2% की गिरावट आई थी, वहीं अब वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव ने बाजार की दिशा फिर बदल दी है।

    क्यों आई फिर तेजी?

    तेल की कीमतों में यह उछाल सीधे तौर पर क्षेत्र में जारी अनिश्चितता और युद्ध के खतरे से जुड़ा है। निवेशकों को डर है कि अगर हालात और बिगड़े, तो सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो सकती है—खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम मार्ग पर।

    ट्रंप के फैसले से पहले आई थी गिरावट

    इससे पहले कीमतों में गिरावट तब आई थी जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर संभावित हमले को टालने और कुछ प्रतिबंधों में ढील देने के संकेत दिए थे। इससे बाजार को अस्थायी राहत मिली थी।

    ईरान का सख्त रुख जारी

    हालांकि ईरान अपने रुख पर अड़ा हुआ है और उसने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत कर युद्ध समाप्त करने का कोई इरादा नहीं है।

    ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने अमेरिकी 15-सूत्रीय योजना को “मजाक” बताते हुए उसकी मंशा पर सवाल उठाए हैं।

    अमेरिका की चेतावनी

    अमेरिका की ओर से भी सख्त संकेत मिल रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान पीछे नहीं हटता, तो कार्रवाई और तेज़ की जा सकती है। वहीं व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने भी इस रुख की पुष्टि की है।

    क्या है 15 सूत्रीय प्लान?

    अमेरिका द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में:

    • यूरेनियम भंडार खत्म करने की मांग
    • बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक
      जैसे अहम मुद्दे शामिल थे। लेकिन ईरान ने इसे पूरी तरह नकार दिया है।

    आगे क्या?

    मौजूदा हालात में तेल बाजार पूरी तरह से खबरों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर है।

    • अगर तनाव बढ़ता है → कीमतें और चढ़ सकती हैं
    • अगर कूटनीतिक समाधान निकलता है → राहत मिल सकती है

    👉 फिलहाल, वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है—खासतौर पर पेट्रोल-डीजल और महंगाई के रूप में।