US Iran conflict: वांशिगटन। मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य टकराव के बीच अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ उसका सैन्य अभियान लंबे समय तक नहीं चलेगा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह ऑपरेशन “महीनों नहीं, बल्कि हफ्तों” में समाप्त हो सकता है और इसके लिए जमीनी सेना की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, पेंटागन ने हजारों मरीन और एयरबोर्न सैनिकों की तैनाती शुरू कर दी है। पहला दल मार्च के अंत तक इलाके में पहुंचने वाला है, जिससे जमीनी संघर्ष की संभावना बनी हुई है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 10 दिन की समय सीमा दी है और चेतावनी दी है कि यदि शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो ऊर्जा ढांचे पर हमला हो सकता है। ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को 15 सूत्रीय प्रस्ताव भी भेजा, जिसमें यूरेनियम संवर्धन रोकने और मिसाइल कार्यक्रम सीमित करने की शर्तें शामिल हैं। ईरान ने बातचीत से इनकार किया है और कहा है कि हमलों के बीच किसी वार्ता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब तक मिडिल ईस्ट में इस संघर्ष में ईरान में 1900 से अधिक और अमेरिका के 13 सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि घायल हुए लोगों की संख्या हजारों में है।
ट्रंप का कार्यकाल खत्म होने तक अमेरिका के रूस से प्रतिबंध हटाने की संभावना नहीं: निकोनोव
‘यूनाइटेड रशिया’ पार्टी से जुड़े और राज्य ड्यूमा की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के प्रथम उपाध्यक्ष व्याचेस्लाव निकोनोव ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल की समाप्ति तक अमेरिका के रूस के विरुद्ध लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की संभावना कम है।
गुरुवार और शुक्रवार को अमेरिका का दौरा करने वाले रूसी संसदीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख श्री निकोनोव ने संवाद समिति ‘रिया नोवोस्ती’ को बताया कि इस मामले में उनका जवाब “संभवतः ‘नहीं’ है।” रूस ने बार-बार कहा है कि वह उस प्रतिबंधात्मक दबाव का सामना कर लेगा जो पश्चिम ने कई साल पहले उस पर डालना शुरू किया था और जिसे वह लगातार बढ़ा रहा है। रूस ने यह भी कहा है कि पश्चिम में रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों की विफलता को स्वीकार करने के साहस की कमी है। पश्चिमी अधिकारियों ने भी कई बार यह राय व्यक्त की है कि ये प्रतिबंध निष्प्रभावी रहे हैं। रूस के पांच सांसदों ने गुरुवार और शुक्रवार को वॉशिंगटन में अमेरिकी कांग्रेस के अपने सहयोगियों और अमेरिकी प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात की। निकोनोव ने बताया कि रूसी सांसदों ने अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ रणनीतिक स्थिरता और यूक्रेन सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने इस यात्रा को लेकर पत्रकारों से कहा, “इस दौरे को ऐतिहासिक माना जा सकता है।”















