
US-Israel-Iran War Updates: तेहरान। ईरान में इंटरनेट 30 दिनों से बंद है। पूरी दुनिया से संपर्क लगभग खत्म हो चुका है और देश में इंटरनेट एक्सेस सामान्य स्तर के सिर्फ करीब 1 प्रतिशत तक रह गया है। इंटरनेट मॉनिटरिंग संस्था नेटब्लॉक्स ने ये तथ्य एक्स पर साझा किया है। बताया कि ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट अब 30वें दिन में प्रवेश कर गया है। 696 घंटे बीत चुके हैं। देश में इंटरनेट एक्सेस सामान्य स्तर के सिर्फ करीब 1 प्रतिशत तक रह गया है। इसका मतलब है कि अधिकांश लोग इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं और देश डिजिटल रूप से दुनिया से लगभग कट चुका है। Iran News
28 फरवरी, 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य हमलों की एक श्रृंखला के बाद से ही इंटरनेट ब्लैकआउट जैसी स्थिति है। मौजूदा हालात के कारण देश के इतिहास में सबसे लंबे डिजिटल शटडाउन हुआ है, इससे लगभग 9 करोड़ नागरिक एक गंभीर राष्ट्रीय संकट के दौरान वैश्विक समुदाय से लगभग पूरी तरह कट गए हैं।
यह ब्लैकआउट पश्चिमी देशों के समन्वित सैन्य अभियान से हुआ था
यह ब्लैकआउट ठीक उसी समय हुआ जब पश्चिमी देशों ने ईरान के परमाणु और मिसाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए समन्वित सैन्य अभियान शुरू किए थे। इन हमलों के बीच, ईरानी अधिकारियों ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की। इस ब्लैकआउट के कारण ईरान में केवल कुछ व्हाइटलिस्टेड सेवाएं और राष्ट्रीय इंटरनेट नेटवर्क (एनआईएन) ही सीमित रूप से काम कर पा रहे हैं, जबकि ज्यादातर वैश्विक वेबसाइट और प्लेटफॉर्म ठप पड़े हैं। खबरों के अनुसार, सरकार सैटेलाइट सिग्नलों को ब्लॉक करने के लिए सैन्य-स्तर की जैमिंग तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है—जिसमें स्टारलिंक नेटवर्क के सिग्नल भी शामिल हैं।
एनआईएन को ‘हलाल इंटरनेट’ नाम से भी जाना जाता है; यह एक घरेलू इंट्रानेट सिस्टम है, जिसे सरकार अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट को बंद करने के बावजूद आंतरिक सेवाओं (बैंकिंग, सरकारी वेबसाइट) को चलाने के लिए प्रयोग में लाती है। 2026 की शुरुआत में विरोध प्रदर्शनों के दौरान जब व्यापक इंटरनेट ब्लैकआउट लागू किया गया तो जनता को इसी नियंत्रित नेटवर्क पर स्विच कर दिया गया, जिससे उनका बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह टूट गया था। Iran News














