Artemis II launch: आज 2 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 3:54 बजे, NASA के Artemis II मिशन ने Kennedy Space Center से सफल उड़ान भरकर अंतरिक्ष इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। यह मिशन इसलिए बेहद खास है क्योंकि लगभग 54 साल बाद इंसान फिर से चांद की ओर बढ़ा है।
क्यों खास है यह मिशन
Apollo 17 (1972) के बाद पहली बार इंसान चांद के पास जा रहा है। हालांकि यह मिशन चांद पर उतरने के लिए नहीं है, लेकिन यह भविष्य में मानव लैंडिंग और वहां लंबे समय तक रहने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
चारों अंतरिक्ष यात्री Orion spacecraft में सवार होकर चांद की परिक्रमा करेंगे और फिर सुरक्षित पृथ्वी पर लौटेंगे।
मिशन के चार खास चेहरे
इस ऐतिहासिक मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री:
Reid Wiseman (मिशन कमांडर)
Victor Glover (पायलट)
Christina Koch (मिशन विशेषज्ञ)
Jeremy Hansen (मिशन विशेषज्ञ)
🔍 54 साल बाद फिर चांद की ओर क्यों?
अपोलो प्रोग्राम के खत्म होने के बाद फोकस पृथ्वी की कक्षा पर चला गया था। लेकिन अब वैज्ञानिकों को चांद पर पानी, खनिज और अन्य जरूरी संसाधनों के संकेत मिले हैं।
इसी वजह से Artemis program की शुरुआत हुई, जो भविष्य की “स्पेस इकोनॉमी” की नींव मानी जा रही है।
आर्टेमिस-2 की खासियतें अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों पर भरोसा
Reid Wiseman इस मिशन के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं और वे चांद के पास जाने वाले सबसे उम्रदराज इंसान बनेंगे। इससे पहले यह रिकॉर्ड Alan Shepard के नाम था।
पहली बार गैर-अमेरिकी की भागीदारी
Jeremy Hansen चांद के पास जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बनेंगे। यह अमेरिका और कनाडा के सहयोग का प्रतीक भी है।
विक्टर ग्लोवर का ऐतिहासिक कदम
Victor Glover चांद के पास जाने वाले पहले ब्लैक अंतरिक्ष यात्री बनकर इतिहास रचेंगे।
क्रिस्टीना कोच का रिकॉर्ड
Christina Koch पहली महिला होंगी जो लो अर्थ ऑर्बिट से आगे जाकर चांद के पास तक पहुंचेंगी।
भविष्य की तैयारी
हालांकि यह मिशन चांद पर लैंड नहीं करेगा, लेकिन यह आने वाले मिशनों के लिए रास्ता तैयार करेगा, जहां इंसान न सिर्फ चांद पर उतरेगा बल्कि वहां लंबे समय तक रहने की भी योजना है।
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