
Gratuity Rules 2025: नई दिल्ली। Ministry of Labour and Employment द्वारा लागू नई श्रम संहिताओं के अंतर्गत ग्रेच्युटी से संबंधित प्रावधानों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए गए हैं। इन संशोधित नियमों के अनुसार निश्चित अवधि (फिक्स्ड-टर्म) तथा अनुबंध आधारित कर्मचारियों को अब अपेक्षाकृत कम अवधि की सेवा के बाद भी आनुपातिक आधार पर ग्रेच्युटी प्राप्त करने का अधिकार मिल सकता है। Gratuity Rules
नई व्यवस्था के अंतर्गत ऐसे कर्मचारी, जिन्हें निर्धारित अवधि के लिए लिखित अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जाता है, अपनी सेवा अवधि के अनुपात में ग्रेच्युटी के पात्र होंगे। इससे संगठित क्षेत्र में कार्यरत बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सेवा समाप्ति के बाद मिलने वाले लाभों तक पहुँच पहले की तुलना में अधिक सुगम हो सकती है। हालाँकि स्थायी कर्मचारियों के लिए सामान्य परिस्थितियों में अभी भी कम से कम पाँच वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करना आवश्यक माना गया है। किन्तु सेवा अवधि के दौरान कर्मचारी की मृत्यु अथवा स्थायी दिव्यांगता जैसी विशेष परिस्थितियों में इस अवधि की शर्त लागू नहीं होती है।
नए नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी की गणना कर्मचारी के वेतन ढाँचे के आधार पर की जाएगी
नए नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी की गणना कर्मचारी के वेतन ढाँचे के आधार पर की जाएगी। इसमें मूल वेतन, महँगाई भत्ता तथा अन्य निर्धारित भत्तों को सम्मिलित किया जाएगा। वेतन संरचना में किए गए इस परिवर्तन से अनेक कर्मचारियों की ग्रेच्युटी राशि में वृद्धि होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ग्रेच्युटी एक वैधानिक एकमुश्त भुगतान है, जो नियोक्ता द्वारा कर्मचारी की दीर्घकालीन सेवा के सम्मानस्वरूप प्रदान किया जाता है। सामान्यतः यह राशि सेवा निवृत्ति अथवा निर्धारित सेवा अवधि पूर्ण होने के उपरांत दी जाती है।
श्रम मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार संशोधित प्रावधान 21 नवम्बर 2025 से प्रभावी माने जा रहे हैं। इसके अंतर्गत संबंधित संस्थानों को अपने लेखा प्रावधानों में आवश्यक संशोधन करना होगा। साथ ही इस तिथि के बाद नियुक्त होने वाले पात्र कर्मचारी निर्धारित अवधि की निरंतर सेवा पूर्ण करने पर नए नियमों के अनुसार ग्रेच्युटी का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। Gratuity Rules














