ऑनलाइन वेरिफिकेशन और ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल बना बड़ी बाधा, विरोध के बीच पुलिस पहुंची
हांसी (सच कहूँ/मुकेश)। Hansi News: गेहूं खरीद सीजन के बीच हांसी की अनाज मंडी में अव्यवस्थाओं ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। गेट पास जारी न होने के कारण मंडी में फसल की एंट्री ठप हो गई, जिससे किसान गेहूं से भरी ट्रॉलियां लेकर घंटों तक गेट के बाहर इंतजार करने को मजबूर रहे। हालात बिगड़ने पर किसान एकत्रित हो गए और विरोध जताया। किसान नेता दशरथ मलिक ने बताया कि ऑनलाइन डाटा अपलोड न होने और फसल वेरिफिकेशन में देरी के कारण गेट पास नहीं कट पा रहे हैं। Hansi News
उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसल खेतों से मंडी तक लेकर पहुंच चुके हैं, लेकिन गेट पास के अभाव में उन्हें अंदर प्रवेश नहीं मिल रहा। दूसरे जिलों से आए किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि फसल बेचने के लिए अनावश्यक और जटिल शर्तें लागू की जा रही हैं। ह्यमेरी फसल मेरा ब्योराह्ण पोर्टल को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि लंबे समय तक बंद रहने के बाद अब पोर्टल खोला गया है, जबकि आधे से अधिक किसानों ने अभी तक अपनी फसल का पंजीकरण नहीं किया है, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
सुबह सात बजे पहुंचा फिर भी 12 बजे तक करना पड़ा इंतजार | Hansi News
गांव उमरा से पहुंचे किसान कुलबीर ने बताया कि वह सुबह 7 बजे मंडी गेट पर अपनी फसल लेकर पहुंच गया था, लेकिन उसे करीब 12 बजे तक इंतजार करना पड़ा। बाद में मार्केट कमेटी अधिकारियों के मौखिक आश्वासन पर उसका गेट पास काटा गया, जिसके बाद वह अपनी फसल आढ़ती के पास ले जा सका। उन्होंने कहा कि गेट पास की प्रक्रिया के कारण किसानों का कई-कई घंटे समय बर्बाद हो रहा है। वहीं, हांसी अनाज मंडी एसोसिएशन के प्रधान राम अवतार तायल ने कहा कि मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से बातचीत हो चुकी है और मौके पर ही किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
किसानों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी: यशपाल
मार्केट कमेटी के सचिव यशपाल सिंह ने कहा कि किसानों को फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकृत करें और ट्रैक्टर पर नंबर प्लेट अवश्य लगाएं, चाहे वह हाथ से लिखकर ही क्यों न हो। उन्होंने बताया कि मंडी में तीन स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां फसल उतरने के बाद किसान बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। Hansi News
ऐसे होता है वेरिफिकेशन:
हरियाणा सरकार के मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर किसान द्वारा फसल का आॅनलाइन पंजीकरण करने के बाद डाटा पटवारी और तहसीलदार के पास पहुंचता है। उनके द्वारा वेरिफिकेशन किए जाने के बाद ही किसान का गेट पास जारी किया जाता है।
अभी यह बनी है व्यवस्था:
जिन किसानों की फसल वेरीफाई नहीं हुई है, उनके डाटा और ट्रैक्टर की फोटो मार्केट कमेटी अधिकारी मौके पर अपलोड कर रहे हैं। इसके बाद कुछ समय में फसल वेरीफाई हो जाती है और गेट पास जारी कर दिया जाता है। गेट पास मिलने के बाद ही किसान अपनी फसल आढ़ती के पास ले जा सकता है, क्योंकि बिना वेरिफिकेशन आढ़ती फसल नहीं उतारते और भुगतान में भी दिक्कत आ सकती है। Hansi News
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