तेहरान। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि उसकी निष्क्रियता के कारण देश के परमाणु प्रतिष्ठानों की सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं। साथ ही ईरान ने संभावित विकिरण रिसाव को लेकर गंभीर आशंका भी प्रकट की है। Iran News
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने इस विषय में आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी को पत्र लिखकर बुशहर स्थित परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर बार-बार हुए हमलों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश के सक्रिय परमाणु संयंत्रों को लगातार निशाना बनाया जाना अत्यंत चिंताजनक है और इससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर अब तक कई बार हमले किए जा चुके हैं। हाल ही में संयंत्र के निकट हुए एक हमले में सुरक्षा दल के एक सदस्य की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य कर्मचारी घायल हुए। इस्लामी ने चेतावनी दी कि ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति से रेडियोधर्मी पदार्थों के संभावित रिसाव का खतरा उत्पन्न हो सकता है, जिससे मानव जीवन, पर्यावरण तथा पड़ोसी देशों पर दीर्घकालिक दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका है। Iran News
केवल औपचारिक चिंता व्यक्त करने तक सीमित न रहकर ठोस कदम उठाए
उन्होंने यह भी कहा कि परमाणु प्रतिष्ठानों पर सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानकों और संधियों के विरुद्ध है। ईरान का मत है कि इस प्रकार की घटनाएं परमाणु अप्रसार संधि सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रावधानों तथा सुरक्षा दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती हैं। ईरान ने संबंधित एजेंसी से अपेक्षा व्यक्त की है कि वह केवल औपचारिक चिंता व्यक्त करने तक सीमित न रहकर ठोस कदम उठाए।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने भी परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमलों को गंभीर जोखिम बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं संभावित परमाणु दुर्घटना को जन्म दे सकती हैं, जिसके प्रभाव कई पीढ़ियों तक स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ सकते हैं। उन्होंने बढ़ते तनाव के बीच संयम बरतने और सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। Iran News















