
एक कर्मचारी का सिर फूटा, एक के हाथ पर व एक के मुंह पर चोटें आई
- पुलिस के खिलाफ कर्मचारियों में आक्रोष
गुरुग्राम (सच कहूँ/संजय मेहरा)। Manesar Strike News: एक तरफ तो सोनीपत जिला के खरखौदा में लगे मारूति सुजूकी प्लांट के प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन की तैयारियां चल रही हैं। दूसरी तरफ यहां आईएमटी मानेसर में अपनी मांगों को लेकर एक दिन पहले हड़ताल पर गए ठेके के कर्मचारियों पर दूसरे दिन पुलिस ने लाठीचार्ज किया। कर्मचारी कंपनी गेट पर हड़ताल के लिए एकत्रित हुए थे। इसी बीच पुलिस ने धारा 163 लगे होने पर उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठियां भांजी। इसमें कई कर्मचारी घायल हो गए। इस घटना में एक कर्मचारी का सिर फूट गया तो किसी के हाथ व मुंह पर गहरी चोटें आई। Gurugram News
गुरुवार की सुबह जब कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर एकजुट हो रहे थे तो पुलिस ने उन्हें वहां से खदेड?ा चाहा। विवाद बढ़ गया और पुलिस ने कर्मचारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। कर्मचारी बचाव के लिए इधर-उधर भागने लगे। पुलिस की लाठी से एक कर्मचारी की सिर फूट गया। इससे कर्मचारियों में आक्रोष पैदा हो गया। कर्मचारी अब तक तो कंपनी प्रबंधन के खिलाफ ही थे, अब वे पुलिस के भी खिलाफ हो गए हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली से उनमें रोष है। पुलिस की इस कार्रवाई से इससे कर्मचारियों का विरोध और अधिक बढ़ गया। कर्मचारी पुलिस के खिलाफ भी हो गए। कर्मचारियों ने ऐलान किया कि अपनी मांगों के पूरा हुए बिना वे काम पर नहीं लौटेंगें।
आईएमटी मानेसर के सेक्टर-4 में रिचा ग्लोबल प्लांट में हड़ताल कर रहे सेंकड़ों कर्मचारियों को पुलिस ने गेट बंद कर घेर लिया है। काफी संख्या में कंपनी के बाहर मौजूद कर्मचारियों ने कुर्सी और बेंचों में आग लगा दी। आग की सूचना पर पास में ही खड़ी मानेसर दमकल विभाग से गाडि?ों को लाकर आग पर काबू पाया गया। हड़ताली कर्मचारियों ने पुलिस की राइडर बाइक को भी आग लगा दी। Gurugram News
कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए डीसी की ओर से मानेसर में धारा 163 भी लगाई गई है। हड़ताली कर्मचारियों को पुलिस अधिकारी ने कहा कि कानून हाथ में नहीं लेना। सबसे पहले यही प्रण कर लो। उन्होंने इस बात का सभी को प्रण भी दिलाया। साथ ही कहा कि पुलिस आपके साथ है। प्रबंधक से वार्ता कराएंगें। जो वेतन की बढ़ोतरी की गई है, उसे कंपनी से लिखित में दिलाएंगें।
होंडा कंपनी के कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल | Gurugram News
वेतन वृद्धि व अन्य कई मांगों को लेकर होंडा कंपनी व कर्मचारियों में गुरुवार को सुलह हो गई। कर्मचारी नेता सौरभ पांडे ने बताया कि जो उनकी मांगें थी, प्रबंधन ने सुनी और उनको मान लिया गया है। सभी कर्मचारी अपनी-अपनी शिफ्ट के हिसाब से काम पर लौट रहे हैं। नियमित तौर पर अब कर्मचारी पहले की तरह से काम करेंगें। कर्मचारियों ने कहा कि वे प्रबंधन से अपनी मांगों को मानने की बात को लिखित में ले रहे हैं, ताकि बाद में किसी भी तरह का विवाद ना रहे। मौके पर पुलिस फोर्स के साथ तैनात मानेसर के एसएचओ सत्यवान ने बताया कि 150 पुलिसकर्मियों की तैनाती यहां कर्मचारियों की हड़ताल के मद्देनजर की गई है। किसी तरह की कोई अशांति नहीं है।
बता दें कि आईएमटी मानेसर में 10 कंपनियों के करीब तीन हजार कर्मचारी बुधवार से हड़ताल पर हैं। गारमेंट एवं आॅटोमोबाइल कंपनियों के इन कर्मचारियों की कई मांगें हैं। ठेके के कर्मचारियों का कंपनियों लंबे समय से शोषण कर रही हैं। न्यूनतम मजदूरी, ओवर टाइम भुगतान, सुरक्षा और स्थायीकरण जैसी मांगें वर्षों से लंबित हैं। कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। कर्मचारी चाहते हैं कि उनका न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये हो। हालांकि प्रदेश सरकार ने बुधवार को ही कैबिनेट की बैठक में न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 15,220 रुपये मासिक करने का निर्णय लिया है। अभी तक वेतन 11274 रुपये है। कुछ कर्मचारी इन वेतन बढ़ोतरी पर हड़ताल खत्म करके चले गए थे, लेकिन कुछ कर्मचारियों को इस वेतन बढ़ोतरी से संतुष्टि नहीं हुई। इसलिए वे हड़ताल पर ही डटे रहे।
यह भी पढ़ें:– Gurugram Road Accident: गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ी गाड़ी














