पांच दिन पूर्व गांव झाड़खेड़ी में साधु की कुटी में संदिग्ध परिस्थितियों में लग गई थी आग
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: पांच दिन पूर्व गांव झाड़खेड़ी में साधु की झोपड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने के प्रकरण में पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। गांव झाड़खेड़ी में निर्माणाधीन खाटू श्याम मंदिर परिसर में साधु राहुलनाथ झोपड़ी डालकर रह रहे है। राहुलनाथ गांव झाड़खेड़ी के ही रहने वाले है और हाल ही में साधु बने है। विगत सोमवार की रात्रि करीब साढ़े 11 बजे राहुलनाथ की झोपड़ी में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई थी, जिसमें झोपड़ी के अंदर सो रहे साधु राहुलनाथ बाल-बाल बचे थे। Kairana News
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस व दमकल विभाग की टीम ने बामुश्किल आग पर काबू पाया था। हालांकि तब तक झोपड़ी में रखा सारा सामान जलकर राख हो चुका था। साधु राहुलनाथ ने कुछ लोगो पर जानबूझकर झोपड़ी में आग लगाने का आरोप लगाया था। विगत आठ अप्रैल को झोपड़ी में आग लगने के प्रकरण में गांव में स्थित गोगा म्हाड़ी के प्रांगण में ग्रामीणों की पंचायत भी हुई थी, जिसमें ग्रामीणों के अलावा तीतरवाड़ा चौकी प्रभारी एसआई पवन चौधरी भी पुलिस टीम के साथ में एतिहातन मौजूद थे। पंचायत में झोपड़ी में आग लगने समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा चल रही थी। इसी बीच ग्रामीण राहुल सैनी के द्वारा गोगा म्हाड़ी की मौजूदा कमेटी के पुनर्गठन की बात रख दी थी, जिसका पंचायत में मौजूद कमेटी के समर्थकों ने जमकर विरोध किया था।
इसी बात को लेकर पंचायत में दो पक्ष बन गए तथा एक-दूसरे से बहस करने लगे। पुलिस की मौजूदगी में ही पंचायत में हंगामा शुरू हो गया था। दोनों पक्ष एक-दूसरे के साथ हाथापाई पर उतर आए थे। बाद में पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगो को सख्त रुख अख्तियार करके मौके से घर भेज दिया था। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री ने भी विगत शुक्रवार को गांव में पहुंचकर दोनों पक्षों के लोगो से वार्ता की थी। वहीं, साधु राहुलनाथ की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है। राहुलनाथ ने मामले की जांच करके दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने की मांग की है। उधर, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। Kairana News
यह भी पढ़ें:– Fogging: मच्छर जनित रोगों से बचाव हेतु कराई गई फॉगिंग















