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Thursday, March 19, 2026
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    डेरा सच्चा सौदा ने बनाया एक और वर्ल्ड रिकॉर्ड

    Birds Nurturing

    बीजों से बनाई लार्जेस्ट ‘बर्ड्स नर्चरिंग’ आकृति | Birds Nurturing

    •  20,340 स्कवेयर फुट में बनी आकृति

    सरसा। मानवता भलाई कार्यों में अग्रणी डेरा सच्चा सौदा ने एक और विश्व रिकार्ड बनाया। विभिन्न अनाजों के बीजों के द्वारा विश्व का सबसे बड़ा ‘लार्जेस्ट बर्ड्स नर्चरिंग’ ( Birds Nurturing ) मॉजेक बनाकर आमजन को पक्षियों की संभाल करने का महा संदेश दिया। शाह सतनाम जी धाम में 20,340 स्कवेयर फुट आकार में विभिन्न अनाजों से बनाई इस आकृति को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस आकृति को बनाने में 3737.48 किलो अनाज के दानों का प्रयोग किया गया। विशालकाय आकृति में पक्षी दाना चुगते तथा पानी पीते हुए दर्शाए गए हैं, जोकि एक अति मनमोहक दृश्य पेश कर रहे हैं।



    3737.48 किलो अनाज का हुआ प्रयोग | Birds Nurturing

    जानकारी देते हुए संयोजक पुष्पा इन्सां ने बताया कि डॉ. एमएसजी के पावन दिशा-निर्देशन में डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे 131 मानवता भलाई कार्यों में से 37 वें सेवा कार्य ‘पक्षियों के लिए दाना पानी का प्रबंध करने का’ संकल्प है। आकृति बनाने के लिए 304 लोगों (आर्टिस्ट्स) ने अपना अहम योगदान दिया और 14 घंटों में 113 गुणा 180 स्कवेयर फुट में विशालकाय चित्र को जमीन पर उकेरा। वीरवार प्रात: 4.30 बजे से सायं 6.30 तक बीज के साथ बीज जोड़कर इस अद्भुत आकृत्ति को बनाया गया। इतनी बड़ी आकृति को बनाने में 3737.48 किलो विभिन्न अनाज का प्रयोग हुआ। इस आकृति को गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड व एशिया बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज करवाने के लिए भेजा जाएगा। वर्णनीय है कि पूज्य गुरुजी के नाम मानवता भलाई कार्यों में 79 विश्व कीर्तिमान दर्ज है।

    Birds Nurturing | कुल अनाज का हुआ इस्तेमाल:-

    • गेंहू – 3046.35 किलो
    • काली दाल (माह): 83.04 किलो ग्राम
    • हरी दाल :- 91.78 किलो ग्राम
    • मक्की :- 106.07 किलो ग्राम
    • मूंग दाल लाल 100.87 किलो ग्राम
    • ज्वार :- 34 किलो ग्राम
    • बाजरा :- 17.44 किलो ग्राम
    • सरसो :- 166.99 किलो ग्राम
    • चना दाल: 90.94 किलो ग्राम
    • कुल : 3737.48 किलो ग्राम

    आकृति बनाने में प्रयोग किए गए अनाज में मक्की को बीज के रूप में, ज्वार व बाजरा पक्षियों के लिए चोगे के रूप में और गेहूं, चना, सरसों, काली माह, मूंग को साध-संगत हेतू लंगर भोजन के रूप में प्रयोग किया जाएगा।

    पूज्य गुरुजी के पावन वचनों पर अमल करते हुए डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत पक्षियों के लिए दाना-पानी का इंतजाम कर रही है। भीषण गर्मी के मौसम में साध-संगत पक्षियों के लिए पेड़ों पर परिडे़ बांध कर प्रतिदिन दाना व पानी डालते हैं। आमजन भी पक्षियों की सुरक्षा के प्रति सचेत हो, इसी मकसद को ध्यान में रखते हुए यह विशाल आकृति बनाई गई है।

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