हमसे जुड़े

Follow us

14.4 C
Chandigarh
Thursday, February 12, 2026
More
    Home विचार सम्पादकीय रेत माफिया की...

    रेत माफिया की गुंडागर्दी

    Sand Mafia, Hooliganism

    देश के कई राज्यों में रेत माफिया की दहशत बढ़ती ही जा रही है। कभी रेत माफिया मीडिया कर्मियों को धमकियां देते हैं व कभी अधिकारियों पर हमला करते हैं। अब पंजाब में गैर-कानूनी माईनिंग रोकने गए आम आदमी पार्टी के एक विधायक पर हमला हो गया। अच्छी बात है कि मुख्यमंत्री अमरिंद्र सिंह ने इस घटना का तुरंत नोटिस लिया। जिले के डिप्टी कमिश्नर से रिपोर्ट तलब कर ली है व तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। वहीं दूसरी तरफ कैबनेट मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया का ब्यान इस कार्रवाई को ठेंगा दिखाने वाला है और इस घटना के आरोपियों की पीठ थपथपाता है।

    मंत्री का कहना है कि विधायक रेत खनन करने वालों को नाजायज परेशान कर रहा था। उन्होंने दावा किया है कि विधायक जिस गड्ढे पर जांच पड़ताल के लिए गया था वह कानूनी तौर पर वैध है। कुछ भी हो लोगों का चुना हुआ प्रतिनिधि अपने क्षेत्र में किसी काम की भी जांच कर सकता है भले वह गैर कानूनी हो या नियमानुसार। खड्ढ़ा वैध होने के बावजूद विधायक पर हमला निंदाजनक है। यदि मंत्री ही इस तरह के गैर-कानूनी कार्याें का समर्थन करते रहेंगे तब आपराधिक तत्वों के हौसले बढ़ेंगे।

    रेत माफिया की समस्या बहुत गंभीर है। पंजाब में खुद मुख्य मंत्री अमरिंद्र सिंह इस बारे में हवाई सर्वेक्षण कर चुके हैं। कानून के पालन संबंधी राजनेताओं की भूमिका निराशाजनक है। दूसरी तरफ पंजाब केबिनेट के नवजोत सिंह जैसे मंत्री भी हैं, जिन्होंने अवैध निर्माणों के मामले में तीन कांग्रेसी विधायकों को भी छूट नहीं दी। यह भी दुख की बात है कि सत्ता पक्ष के नेताओं ने ही अवैध निर्माण के लिए गैर कानूनी मोहलत देने के लिए सिद्धू तक पहुंच की थी।

    कानून को अमल में लाना हर किसी का कर्तव्य है , जो कि सभी विभागों में निभाया जाए। सरकारिया को भी हमलावरों की पीठ थपथपाने की बजाय घटना की जांच की बात कर आरोपियों को सजा की मांग करनी चाहिए थी। सरकार की कार्यप्रणाली में सैद्धांतिक तथा व्यवहारिक एकता आवश्यक है। मुख्यमंत्री तथा मंत्री का स्टैंड एक ही होना चाहिए।

    यदि कोई राज्य कानून के शासन की मिसाल बने तब पूरे देश में सुधार हो सकता है। नहीं तो, देश में रेत माफिया के हाथों प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस अधिकारियों के कत्ल की कई घटनाएं घट चुकी हैं। यदि गैर-कानूनी कामों को कठोरता से ना रोका गया तब पंजाब को भी बुरे दिन देखने पड़ सकते हैं। सरकार को चाहिए कि वह घटना की बारीकी से जांच करवाकर जो भी आरोपी हो उसको सजा दे।

     

     

    Hindi News से जुडे अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।