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    मिन्नी सचिवालय में हथियारबंद महिला कर्मी तैनात

    lok sabha election

    ‘लोकसभा चुनाव-2019’ पुलिस अधिकारियों ने पुलिस कर्मचारियों को दिए चुनावों संबंधी सख्त निर्देश

    बठिंडा(अशोक वर्मा)। बठिंडा जिले में नामांकन-पत्रों का रूझान शुरू होते ही चुनाव प्रशासन ने बठिंडा पुलिस को चुनावों (lok sabha election) संबंधी सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। बठिंडा सांसदीय हलके में बने हालातों को देखते पुलिस अधिकारियों ने जिला प्रशासनिक कॉम्प्लैक्स में स्थित जिला चुनाव अधिकारी कम डिप्टी कमिशनर कार्यालय बठिंडा की सुरक्षा के लिए 42 सदस्यता पुलिस टीम गठित की है। इस पुलिस टीम में 7 हथियारबंद महिला कांस्टेबल भी शामिल हैं, जिनको स्टेन गन्नों के साथ लैस किया गया है। इस सुरक्षा दस्ते की कमांड डीएसपी रैंक के अधिकारी के हवाले की गई है।

    ऐसा पहली बार हुआ है कि बठिंडा जिले में चुनाव अमल दौरान हथियारबंद महिला पुलिस की तैनाती की गई है। जिला पुलिस ने किसी भी किस्म के असामाजिक तत्वों से बचाने के लिए यह नया पैंतरा आजमाया है। बठिंडा शहर अब सुरक्षा के नजरिए से अति संवेदनशील जोन बन गया है हालांकि महिला कर्मचारियों को हथियार रखने का बहुत तजुर्बा न होने के कारण वह झिझक महसूस करती हैं परंतु लड़कियों के हाथों में हथियार देख कर सुरक्षा के पक्ष से मजबूती भी महसूस की जा रही है।

    पुलिस दस्ते को सख़्त हिदायत है कि जिला प्रशासनिक कॉम्प्लैक्स में पत्ता भी नहीं खतरे में पड़ना चाहिए। अब जब नामांकन-पत्र दाखिल करने में तेजी आनी है तो इस पुलिस टीम की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाएगी क्योंकि अकाली दल की उम्मीदवार हरसिमरत कौर बादल, कांग्रेस के उम्मीदवार अमरिन्दर सिंह राजा वड़िंग, पंजाब एकता पार्टी के उम्मीदवार सुखपाल सिंह खैहरा और आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार बलजिन्दर कौर की ओर से नामांकन-पत्र दाखिल करवाए जाने हैं। बताया जाता है कि नामांकन-पत्र दाखिल करते समय इन नेताओं के साथ कुछ बड़े राजनैतिक चेहरे भी आ सकते हैं।

    इस स्थिति दरमियान चुनाव आयोग के आदेशों पर जिला चुनाव प्रशासन ने नामांकन-पत्र दाखिल करने के लिए आने वालों की इस बार संख्या पांच तक सीमित कर दी है, जिससे सुरक्षा को किसी भी किस्म का खतरा न पैदा हो। इससे पहले नामांकन-पत्र दाखिल करवाने के लिए आने वाले उम्मीदवारों के साथ दर्जनों की संख्या में पार्टी वर्कर या समर्थक आ जाते थे। इस बार चुनाव आयोग के तीखे तेवरों के कारण अधिकारी कोई रिस्क लेने के मूड में दिखाई नहीं दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने खुफिया विभाग को अलग तौर पर मुस्तैद रहने के लिए कहा है। खुफिया विंग के कर्मचारियों को हर आने जाने वाले व्यक्ति पर नजर रखने के आदेश हैं।

    पुलिस टीम को पूरी चौकसी बतरने के दिए आदेश : एसएसपी

    सीनियर पुलिस कप्तान डॉ. नानक सिंह का कहना था कि सुरक्षा के पक्ष को देखते हथियारबंद महिला पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम को पूरी तरह मुस्तैद रहने व असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस बदलमनी फैलाने वालों व असामाजिक तत्वों के साथ सख्ती से निपटेगी।

    चुनाव आचार संहिता के कारण मंत्रियों को नहीं हो रहे सल्यूट

    पंजाब में चुनाव आचार संहिता की सख्ती कारण इन दिनों चुनाव प्रचार या आम दौरे पर आए मुख्य मंत्री, उप मुख्य मंत्री व मंत्रियों को पुलिस के सीनियर अधिकारियों व कर्मचारियों के सल्यूट होने बंद हो गए हैं जब कि साल 2014 के चुनाव मौके इस अमल पर इतनी ज्यादा रोक नहीं लगी थी। पुलिस की ओर से ऐसी कोई ड्यूटी भी नहीं दी जा रही जो चुनाव आचार संहिता के विरुद्ध है जो भी पुलिस कर्मचारी ड्यूटी दे रहे हैं उनकी तरफ से भी चुप रहने को पहल दी जा रही है।

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