हमसे जुड़े

Follow us

18.1 C
Chandigarh
Saturday, February 7, 2026
More

    सदियों की कुप्रथा का अंत : Three divorce

    Three divorce

    मोदी सरकार की ऐतिहासिक कामयाबी, राज्यसभा से 3 तलाक बिल पास

    •  तीन तलाक पर बिल के खिलाफ रही कांग्रेस

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)।  तीन तलाक से संबंधित मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019 पर मंगलवार को संसद ने मुहर लगा दी। जिससे सदियों पुरानी चली आ रही कुप्रथा का अंत हो गया है। राज्यसभा में इस विधेयक को मतविभाजन से पारित कर दिया गया जबकि लोकसभा इसे पहले ही पारित कर चुकी है। विधेयक पारित कराने की प्रक्रिया के दौरान विपक्ष के नेता गुलाम नवी आजाद ने कहा कि तीन तलाक को आपराधिक मामला न बनाकर सिविल मामला बनाया जाना चाहिए था और विधेयक को प्रवर समिति में भेजा जाना चाहिए था जिसके कारण विपक्ष ने इस पर मतविभाजन की मांग की ।

    • विधेयक को 81 मुकाबने 99 मतों से पारित कर दिया गया

    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के इलामारम करीम तथा कई अन्य सदस्यों के विधेयक को प्रवर समिति में भेजने के प्रस्ताव को 84 के मुकाबले 100 वोट से अस्वीकार कर दिया गया । इससे पहले भाकपा के विनय विश्वम तथा तीन अन्य सदस्यों के मुस्लिम महिला (विवाहअधिकार संरक्षण) द्वितीय अध्यादेश को नामंजूर करने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया गया। विधेयक पर लाये गये संशोधनों के प्रस्तावों को भी ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया गया।

    • हमने हार-जीत के बारे में नहीं सोचा: रविशंकर प्रसाद

    कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि कानून के बिना पुलिस पीड़ित महिलाओं के शिकायत सुनने के लिए तैयार नहीं थी। मुस्लिम समाज बेटियों के लिए न्याय पर ही सवाल क्यों उठते हैं, यही सवाल 1986 में उठे थे और आज भी उठे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने देश हित में बगैर डरे फैसले लिए और चुनाव में हार-जीत के बारे में कभी नहीं सोचा। प्रसाद ने कहा कि हम आतंकवाद से लड़ने वाले लोग हैं।