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    सावधान! कहीं आपकी भी जासूसी तो नहीं हो रही?

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    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। आजकल देश में भारतीय पत्रकारों और ऐक्टिविस्टों की जासूसी का मामला सुर्खियों में है। अब सवाल उठ रहा है कि क्या आपकी निजी जानकारियों को कहीं और भेजा जा रहा है? ये सवाल इसलिए भी गंभीर हो जाता है क्योंकि खुद फेसबुक की मालिकाना हक वाली कंपनी व्हाट्सएप ने अमेरिका की एक अदालत में चल रहे केस के दौरान ए खुलासा किया कि पीगासस नाम के स्पाईवेयर का इस्तेमाल कर लोगों की जासूसी की गयी।

    व्हाट्सएप के मुताबिक, इसराइल की साइबर इंटेलिजेंस कंपनी ठरड ने अपने स्पाइवेयर पेगासस का इस्तेमाल भारत में भी किया और इस साल मई के महीने में इसके जरिए भारत के कई पत्रकारों, वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी की गयी। इस खुलासे से भारतीयों की निजता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यह स्पाइवेयर बेहद खतरनाक है, जो सिर्फ एक मिस्ड कॉल के जरिए किसी भी मोबाइल डिवाइस में मौजूद सबकुछ सीज कर सकता है। उधर मोदी सरकार ने भी चार नवंबर तक व्हाट्सएप से जवाब मांगा है।

    ‘यदि भारतीय जनता पार्टी या सरकार ने इजरायली संस्थाओं को पत्रकारों, वकीलों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनेताओं के फोन की जासूसी करने का काम सौंपा है तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इसका राष्ट्रीय सुरक्षा पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। इस पर सरकार की कार्रवाई का इंतजार है।
    प्रियंका गांधी

    व्हाट्सएप के माध्यम से विदेशी कम्पनी द्वारा जासूसी किए जाने की खबर बेहद संवेदनशील एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती का विषय है। इस विषय में भाजपा सरकार की भूमिका का खुलासा होना ही चाहिए।
    अखिलेश यादव

    एनएसओ ने भी कहा है कि वो सिर्फ सरकारी ऐजेंसी को ही ए सॉफ्टवेर बेचती है। रविशंकर प्रसाद और मोदी बताएं कि सरकार की कौनसी एजेंसी ने ये सोफ्टवेयर खरीदा है।
    रणदीप सुरजेवाला

     

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