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Saturday, February 7, 2026
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    कोविड-19 संकट के बीच हिन्द प्रशांत क्षेत्र में तनाव बढ़ने के संकेत

    Coronavirus

    नयी दिल्ली। International News in Hindi Today Headlines: वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (COVID19) से जूझ रही दुनिया के बीच हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में एक और संकट की आहट सुनायी दे रही है। दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र में चीनी आक्रामकता बढ़ने के साथ ही अमेरिकी नौसैनिक पोतों के साथ एक ऑस्ट्रेलियाई युद्धपोत के भी आ जाने से मलेशिया, विएतनाम और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई नौसेना की फ्रिगेट एचएमएएस पर्रामट्टा और तीन अमेरिकी युद्ध पोत इस सप्ताह चीनी सरकार के सर्वेक्षण पोत हाइयांग डिझी 8 के करीब आ गये थे जिस पर विवादित क्षेत्र में तेल के उत्खनन करने का संदेह है।

    ऑस्ट्रेलियाई रक्षा अधिकारी पीटर जिंनिंग्स ने कहा कि पर्रामट्टा की तैनाती का फैसला तो एक साल पहले ही ले लिया गया था। उस समय यह पता नहीं था कि यह पोत एक ऐसे नाजुक सैन्य वातावरण में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि मार्च के बाद इस क्षेत्र में ऐसा वातावरण बनाया गया कि जापान से लेकर दक्षिण चीन सागर तक चीन आक्रामक मुद्रा में नज़र आ रहा है। मलेशिया की सरकारी तेल कंपनी पेट्रोनास के एक पोत भी इस इलाके में मौजूद है। एक उभयचर युद्धपोत ‘दि अमेरिका’ और एक निर्देशत मिसाइल क्रूज़र ‘दि बंकर हिल’ उस इलाके में प्रवेश कर गये हैं जिस पर मलेशिया अपना दावा करता है। इसी समय इसी क्षेत्र में चीन सरकार का एक पोत पेट्रोनास के पाेत का पीछा कर रहा था जिस पर तेल उत्खनन के उपकरण लदे हुए थे।

    अनुसंधान केन्द्रों पर सैन्य बंकर और सैन्य इस्तेमाल वाले रन वे

    चीनी और ऑस्ट्रेलियाई युद्धपोत भी आस पास ही पूरी तरह से चौकन्ने हैं। कोविड 19 की वैश्विक महामारी को नियंत्रित करने के चीन के प्रयासों के बावजूद चीनी सेना ने दक्षिण चीन सागर में अपनी सक्रियता को कम नहीं किया है जो सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है और जहां से विश्व का एक तिहाई समुद्री मालवहन होता है। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार चीन सेना की अरसे से चली आ रही है आक्रामकता और बढ़ गयी है। ऑस्ट्रेलियाई स्ट्रेटिजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट के कार्यकारी निदेशक जिनिंग्स का कहना है कि यह चीन की सोची-समझी रणनीति है जिसके तहत वे प्रयास कर रहे हैं कि दुनिया का ध्यान भंग करके और अमेरिका की क्षमता को कम करके पड़ोसी देशों पर दबाव बढ़ाया जाये।

    जनवरी के बाद से कोरोना विषाणु की महामारी तेजी से बढ़ी और चीन सरकार और उसके तटरक्षक पोत एवं नौसैना दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र में सक्रिय हैं और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा बलों से भिड़ रहे हैं एवं मछुआरों को तंग कर रहे हैं। इसी माह विएतनाम के सुरक्षा बलों ने आरोप लगाया था कि एक चीनी गश्ती पोत ने एक विएतनामी मछुआरे की नौका को टक्कर मार कर डुबा दिया था। मार्च में चीन ने समुद्री कृत्रिम दीप पर दो नये अनुसंधान स्टेशनों को खोला है । इस क्षेत्र पर फिलीपीन्स एवं अन्य देशों का दावा है। इन अनुसंधान केन्द्रों पर सैन्य बंकर और सैन्य इस्तेमाल वाले रन वे भी बनाये गये हैं।

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