बीकानेर। खेजड़ी बचाने के लिए बिश्नोई समाज के खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तीसरे दिन आमरण अनशन शुरू हो गया है। बिश्नोई समाज के 15 महापुरुषों के नेतृत्व में 400 पुरुष महिलाओं सहित ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठ गए। अनशनकारियों ने खाना पीना छोड़ दिया है कुछ लोगों ने मुंह पर पट्टी बांध ली है। बिश्नोई समाज के वरिष्ठतम आचार्य रामानन्द ने संबोधन देते हुए कहा जब तक कानून नहीं बनेगा तब तक यही बैठे रहेंगे। Khejri Andolan News
जानकारी के अनुसार आज प्रातः काल सभी #खेजड़ी_बचाओ_महापड़ाव से कलेक्ट्रेट तक मौन जुलूस निकाल कर खेजड़ी का सत्कार किया। अनशन पर बेठे महापुरुषों सहित सभी पर्यावरण प्रेमियों ने मौन जुलूस के माध्यम से संदेश दिया कि हम शान्ति से अपनी मांगे मनाना चाहते है।
सरकार के समक्ष हमारी दो स्पष्ट माँगें हैं
1. सरकार खेजड़ी सुरक्षा अधिनियम लागू करने की निश्चित तिथि घोषित करे।
2.जब तक कानून विचाराधीन है, तब तक मुख्य सचिव द्वारा तत्काल सर्कुलर जारी कर यह निर्देश दिया जाए कि राज्य में खेजड़ी व अन्य हरे वृक्ष नहीं काटे जाएंगे।
सरकार से निवेदन है कि पर्यावरण प्रेमियों के धैर्य की परिक्षा नहीं ली जावें। यदि कीसी भी अनशन पर बेठे व्यक्ति के साथ कुछ अप्रिय हुआ तो सारी ज़िम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी।
पर्यावरण से जुड़े इस आंदोलन को जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। बार एसोसिएशन बीकानेर के पदाधिकारियों ने धरनास्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोशल मीडिया पर खेजड़ी की फोटो लगाते हुए अपना समर्थन दिया। साधु संत हरि कीर्तन व लोकगीत गा रहे हैं। आज तक वरिष्ठ पत्रकार रवि विश्नोई भी अनशन पर बैठ गए है।

इस आंदोलन के प्रमुख सहयोगी रामरतन बिश्नोई ने अनशन कर्ताओं और लोगों को संबोधित करते अपनी मधुर वाणी में खेजड़ी बचाने वालों की अमर गाथा को गाया।और बताया कि राज्य में खेजड़ी बचाने के लिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की हुई है जिसकी कल ही सुनवाई हुई जिसमें आधा घंटे बहस हुई। Khejri Andolan News
जब तक एक्ट नहीं आ जाता बाकी पेड़ किसी भी प्रोजेक्ट के तहत नहीं काटे जाएंगे।
स्वामी सच्चिदानंद ने बताया कि हमारी दो मांग है। पहली – मुख्य सचिव इसे लेकर सर्कुलर जारी करें कि राजस्थान में ट्री प्रोटेक्शन एक्ट विचाराधीन है। ऐसे में जब तक ये एक्ट नहीं आ जाता खेजड़ी और बाकी पेड़ किसी भी प्रोजेक्ट के तहत नहीं काटे जाएंगे। दूसरा- ये बिल विधानसभा में कब लाएंगे इसकी डेट हमें बतानी होगी। डेट बताने पर आमरण अनशन खत्म कर देंगे, लेकिन धरना जारी रहेगा
भजनलाल सरकार को अपने दो मंत्री यहां भेजने चाहिए। कानून आज ही बनना चाहिए। नोटिफिकेशन जारी होना चाहिए। जो लोग यहां आंदोलन कर रहे हैं, उनकी मांग स्वार्थ से नहीं है। उनकी आस्था से जुड़ा हुआ मामला है। उनका खेजड़ी से प्रेम है। पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल
विधानसभा में शून्यकाल के दौरान पश्चिमी राजस्थान के जिलों में खेजड़ी की कटाई और सोलर कंपनियों को सड़क की जमीनें, ओरण (चारागाह) की जमीनें अलॉट करने पर भाजपा विधायक छोटू सिंह भाटी ने कहा कि राज्य वृक्ष खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई की जा रही है। सरकार कंपनियों से ओरण, चारागाह की जमीनें मुक्त करवाए।
सिर साँठे रूख रहे तो भी सस्तो जाण”।
खेजड़ी साधारण पेड़ नहीं, यह हमारे लिए देववृक्ष है। जो हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा है। हमारे यहां खेजड़ी की पूजा की जाती हैं। मैं स्वयं भी खेजड़ी की पूजा करती हूं। जिसकी हम पूजा करें, उस देवता का संरक्षण हमारा दायित्व है। राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इसे बचाना चाहिए। मैं खेजड़ी और ओरण (गोचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हूं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की सोशल मीडिय पर टिप्पणी Khejri Andolan News















