रवनीत बिट्टू ने दी माफी की सलाह, कहा- जेल में होते हैं मोटे मच्छर, रहना मुश्किल
- पुलिस ने आप नेताओं-मंत्रियों को हिरासत में लिया, कुछ देर बाद रिहा
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Harbhajan Singh ETO: कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. को ‘बैंड बजाने वाला’ कहने पर कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा के बयान से पंजाब की राजनीति में भारी हलचल मच गई है। चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी के विधायकों, कैबिनेट मंत्रियों और पार्टी नेतृत्व ने जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं पंजाब एससी कमीशन के चेयरमैन ने प्रताप सिंह बाजवा को तलब कर लिया है। प्रताप सिंह बाजवा को 11 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से कमीशन के समक्ष पेश होना होगा।
प्रताप सिंह बाजवा ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता था कि हरभजन सिंह ई.टी.ओ. के परिवार की पृष्ठभूमि किसी तरह बैंड-बाजे से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि यह एक सामान्य राजनीतिक बयान था, जो अक्सर कहावत के रूप में इस्तेमाल होता है। इसी बीच केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रताप बाजवा को सलाह दी कि वे माफी मांग लें, क्योंकि जेल में रहना बहुत मुश्किल होता है और वहां मच्छर भी काफी मोटे होते हैं। उन्होंने कहा कि माफी मांगकर इस मुद्दे से पीछा छुड़ाना बेहतर होगा।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले एक रैली के दौरान प्रताप सिंह बाजवा ने कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ. पर टिप्पणी करते हुए ‘बैंड बजाने’ तक की बात कह दी थी। इसके अलावा कुछ अन्य गंभीर टिप्पणियां भी की। इससे आम आदमी पार्टी और हरभजन सिंह ई.टी.ओ. ने कड़ा विरोध जताया और प्रताप बाजवा से माफी मांगने की मांग की। दलित समाज से जुड़े एक व्यक्ति की शिकायत पर प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ गंभीर टिप्पणियों के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की तैयारी भी चल रही है। सोमवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं, कई कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों ने चंडीगढ़ के सेक्टर-3 स्थित विधायक हॉस्टल के बाहर इकट्ठा होकर प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने उनकी टिप्पणियों को एससी समाज पर हमला करार देते हुए तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। लगभग दोपहर ढाई बजे के आसपास प्रदर्शनकारी प्रताप बाजवा की कोठी का घेराव करने के लिए कूच करने लगे। विधायक हॉस्टल से थोड़ी दूरी पर चंडीगढ़ पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा दी और उन्हें वापस जाने के लिए समझाया।
पुलिस ने पानी की बौछारें की
जब आप कार्यकतार्ओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने पानी की बौछारें चलाकर उन्हें रोका। इसके बाद कई नेताओं और कार्यकतार्ओं को हिरासत में लेकर सेक्टर-3 थाने ले जाया गया। थाने में लगभग एक घंटे तक रखने के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं और कैबिनेट मंत्रियों को रिहा कर दिया गया। इस घटना से चंडीगढ़ में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
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