US Iran Tensions: काहिरा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान ने परमाणु मुद्दे पर संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की है। यद्यपि दोनों देशों के बीच संभावित परमाणु समझौते की शर्तों तथा सैन्य तैयारियों को लेकर दृष्टिकोण अब भी भिन्न हैं, फिर भी कूटनीतिक संपर्क बनाए रखने की पहल को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। US Army News
सैय्यद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी ने घोषणा की कि वार्ता का अगला चरण इस गुरुवार को जिनेवा में आयोजित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह बैठक समझौते के प्रारूप को अंतिम रूप देने की दिशा में सहायक सिद्ध होगी।
ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी से दूरभाष पर वार्ता की। दोनों पक्षों ने स्थायी और पारदर्शी परमाणु व्यवस्था के लिए रचनात्मक सहभागिता को आवश्यक बताया।
अराघची ने संकेत दिया कि ईरान निकट भविष्य में संभावित समझौते का प्रारूप अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को सौंप सकता है। उन्होंने यह भी दोहराया कि तेहरान शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के अपने अधिकार को सुरक्षित रखते हुए प्रतिबंधों में चरणबद्ध राहत चाहता है।
2015 समझौते से बेहतर विकल्प की उम्मीद | US Army News
विशेषज्ञों के अनुसार, वार्ता का उद्देश्य 2015 में हुए परमाणु समझौते से अधिक संतुलित व्यवस्था तैयार करना है। ईरान का मत है कि इस बार मूल सिद्धांतों पर सहमति बनाकर आगे बढ़ना अधिक व्यावहारिक होगा।
दूसरी ओर, वॉशिंगटन का कहना है कि किसी भी समझौते में यूरेनियम संवर्धन पर कठोर नियंत्रण, लंबी दूरी की मिसाइलों पर सीमा तथा क्षेत्रीय गतिविधियों पर संयम जैसी शर्तें शामिल होनी चाहिए। विश्लेषकों का मानना है कि इन बिंदुओं पर सहमति बनाना चुनौतीपूर्ण रहेगा।
सैन्य गतिविधियों से बढ़ी संवेदनशीलता | US Army News
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने क्षेत्र में कुछ सैन्य अड्डों पर अतिरिक्त विमान और संसाधन तैनात किए हैं, जिससे परिस्थितियाँ और संवेदनशील हो गई हैं। ईरानी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वह शांति और स्थिरता का पक्षधर है, किंतु किसी भी संभावित परिस्थिति के लिए तैयार भी है। दोनों देशों के बीच अब तक अप्रत्यक्ष वार्ता के दो दौर हो चुके हैं—पहला 6 फरवरी को मस्कट में और दूसरा 17 फरवरी को जिनेवा में। आगामी बैठक को निर्णायक माना जा रहा है। US Army News















