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    पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ प्रशासन द्वारा की जाएगी सख्त कार्यवाही

    Kharkhoda News
    पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ प्रशासन द्वारा की जाएगी सख्त कार्यवाही

    खरखौदा (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के अध्यक्ष एमएम कुट्टी ने विडियों कांफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के जिला उपायुक्तों के साथ पराली जलाने (Stubble Burning) की रोकथाम व नियंत्रण के लिये राज्य कार्ययोजना-2023 के क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने पराली जलाने को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा उठाए कदमों और प्रयासों की पूर्ण जानकारी प्राप्त करते हुए उन्हें उचित दिशा-निर्देश दिए। Kharkhoda News

    विडियों कांफ्रेस के उपरांत उपायुक्त डॉ० मनोज कुमार ने कृषि विभाग व संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला में पराली जलाने की घटनाओं पर पूर्णत: रोक लगाने के लिए प्रत्येक गांव पर पैनी नजर रखे। उन्होंने कहा कि अगर आपके पराली जलाने को लेकर कोई सूचना प्राप्त करें तो तुरंत संबंधित किसान के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें। उपायुक्त ने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह से नियंत्रण करने के लिये जिला के सभी गांवों में निगरानी कमेटियों का गठन किया गया है। इनमें कृषि विभाग के कर्मचारी के साथ-साथ ग्राम सचिव, पटवारी को भी शामिल किया गया है। पुलिस व जिला प्रशासन का सहयोग भी कमेटियों को प्राप्त रहेगा। Kharkhoda News

    उपायुक्त ने बताया कि जिला में 2 लाख 25 हजार एकड़ जमीन पर धान की फसल लगी हुई है अैर इससे लगभग 4 लाख 50 हजार मीट्रिक टन फसल अवशेष प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि जिला में 66 प्रतिशत पराली का प्रयोग पशुचारे के लिए किया जाता है। इसके साथ ही 29 प्रतिशत धान के अवशेषों को इन-सीटू (फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों) से मिट्टïी में मिला दिया जाता है और 5 प्रतिशत अवशेषों का प्रबंधन एक्स सीटू द्वारा किया जाता है। उन्होंने बताया कि जिला किसानों के पास फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उचित मात्रा में कृषि यंत्र उपलब्ध है। अब तक किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अनुदान पर 04 हजार 80 कृषि यंत्र अब तक उपलब्ध करवाएं गए है। Kharkhoda News

    उपायुक्त ने एसडीएम और कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जिला के येलो और रैड जोन में आने वाले गावों का दौरा करें और किसानों को जागरूक करें कि वे पराली न जलाएं क्योंकि इससे वायु प्रदूषण के साथ-साथ मिट्टïी की उर्वरा शक्ति में भी कमी आती है। उन्होंने किसानों को आह्वïान किया कि वे धान की फसल के अवशेषों को जलाने की बजाय कृषि यंत्रों से मिट्टïी में मिलाएं। ऐसा करने वाले किसानों को हरियाणा सरकार द्वारा एक हजार रूपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। Kharkhoda News

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