डेढ़ साल बाद पहली से तीसरी कक्षा के लिए खुले निजी व सरकारी स्कूल

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schools opened for classes 1st to 3rd sachkahoon

मास्क व अभिभावकों का अनुमति पत्र लेकर आने वाले विद्यार्थियों को ही मिली स्कूल में एंट्री

  • पहले दिन 30 फीसदी बच्चे पहुंचे स्कूल, सहपाठियों से मिलकर हुए खुश

सच कहूँ/सुनील वर्मा, सरसा। कोरोना महामारी की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद सोमवार को करीब डेढ साल बाद पहली से तीसरी कक्षा के लिए सरकारी व निजी स्कूल खुल गए और उनमें पढ़ाई का सिलसिला शुरू हो गया। पहले दिन छोटे बच्चे अपने अभिभावकों के साथ मास्क लगाकर स्कूल में पहुंचे। वहीं स्कूल प्रबंधन द्वारा भी कोरोना को लेकर पूरी सतर्कता बरती गई। मास्क लगाकर आए बच्चों को ही विद्यालय में अनुमति दी गई। दूसरी ओर स्कूल आने वाले छोटे बच्चे अपने सहपाठियों से मिलकर काफी खुश नजर आये। हालांकि पहले दिन सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की हाजिरी बहुत कम रही। सोमवार को विद्यार्थियों की संख्या स्कूलों में महज 30 फीसद ही रही। स्कूलों में सुबह 9 बजे से 12 बजे तक पढ़ाई करवाइ गई। जबकि अध्यापकों ने सुबह साढ़े 8 से 1 बजे तक ड्यूटी दी।

पहले दिन कम रही संख्या

स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या प्रथम दिन संख्या बहुत ही कम रही। जिस पर अध्यापक मोबाइल फोन से अभिभावकों को सूचना देते हुए नजर आए। पुलिस लाइन स्थित राजकीय मिडल स्कूल में पहली कक्षा में 26 में से चार विद्यार्थी, दूसरी कक्षा में 36 में से 9 विद्यार्थी, तीसरी कक्षा में 45 में से 12 विद्यार्थी ही पहुंचे। खन्ना कालोनी स्थित स्कूल में पहली कक्षा में 19 में से पांच विद्यार्थी, दूसरी कक्षा में 19 में से पांच व कक्षा तीसरी में 17 में से तीन विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। खैरपुर स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल में पहली कक्षा में 64 में से 12, दूसरी कक्षा में 64 में से 26, तीसरी कक्षा में 73 में से 30 विद्यार्थी ही स्कूल पहुंचे। लघु सचिवालय कालोनी स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल में पहली कक्षा में 12 में चार, दूसरी कक्षा में 12 में से दो, तीसरी कक्षा में 17 में से सात विद्यार्थी स्कूल पहुंचे।

स्कूलों में गेट पर जांचा तापमान

स्कूलों में सुबह से ही विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ पहुंचने लगे। स्कूल में बच्चों को अनुमति पत्र साथ लेकर आना भी जरूरी था। स्कूल में अभिभावकों से अध्यापकों ने सहमति पत्र लिया। किसी बच्चे के पास अनुमति पत्र नहीं होने पर स्कूल में प्रवेश नहीं करने दिया गया। बच्चों को स्कूल में आने के लिए किसी प्रकार से बाध्य नहीं किया जाएगा। अगर कोई बच्चा स्कूल नहीं आता है तो उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

आनलाइन प्रक्रिया जारी रहेगी

शिक्षा विभाग ने आदेश देकर आनलाइन प्रक्रिया पहले की तरह जारी रखने के लिए कहा गया है। संक्रमण से बचाव के लिए स्कूल में पहुंचने के बाद बच्चों को सुरक्षा घेरे में रहना होगा। स्कूल में विद्यार्थियों के आने से पहले सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया। बच्चों को समय-समय पर कोविड 19 को लेकर जागरूक किया जाएगा। इसी के साथ स्कूलों में कोरोना से बचाव के लिए स्लोगन भी लगाए जाएंगे।

‘‘सरकारी व निजी स्कूलों में सोमवार को पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को पढ़ाई करवाने का सिलसिला शुरू हो गया। स्कूलों में कोविड 19 को लेकर विशेष सावधानी रखी जा रही है।

आत्मप्रकाश मेहरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सरसा।

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