लोगों का मानना है कि पी डी ए के नाम से बुलाई गई रैली केवल एक जाति की रैली बनकर रह गई
नोएडा (सच कहूँ न्यूज़)। पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की रविवार को दादरी के मिहिर भोज डिग्री कॉलेज में विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जनसभा मैं जहां सभी जाति के कार्यकर्ताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक कर जनसभा को सफल बनवाया, लेकिन जनसभा का श्रेष्य केवल एक नेता को मिला, इस जनसभा कोजहां कुछ लोग सफल होने का दावा कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इस सभा को एक जाति की सभा बता रहे हैं, हालांकि जनसभा का नाम पी डी ए के नाम से रखा गया। Noida News
लेकिन जनसभा में केवल एक जाति का विशेष नाम लिया गया और उनके महान पुरुष का सम्मान भी किया गया, यह ठीक है लेकिन जनसभा में पहुंचे सभी जाति बिरादरी के लोग उसे समय अचरज में रह गए जब जनसभा में अधिकांश एक ही जाति के नेताओं को महत्व दिया गया, इससे अन्य जाति के लोग परेशान थे, चाहे वह सपा का कार्य कर्ता ही क्यों ना हो, कुछ कार्यकर्ताओं ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि वह जल्द ही पार्टी में पक्षपात के चलते पार्टी को अलविदा कह सकते हैं, ऐसे में जहां पूर्व की जनसभा अखिलेश यादव ने की थी और सफल साबित हुई थी, उस जनसभा से उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी का सफर भी तय किया था, लेकिन इस
बार की जनसभा उनके रास्ते में कई सवालों को छोड़कर गई है ,जिनका उन्हें कुछ जगह पर फायदा होगा तो कुछ जगह पर नुकसान उठाना भी पड़ सकता है, अब देखना यह होगा कि एक जाति को अपने पक्ष में करने के चक्कर में कहीं उनके हाथ से अन्य जाति के लोग नए चले जाएं, यह तो समय ही बताएगा, पर कुछ कार्यकर्ताओं ने नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि यह जनसभा एक जाति के होकर रह गई और कुछ लोगों का तो यहां तक कहना था कि वह जल्द ही पार्टी को अलविदा कह सकते हैं। अब समय ही बताया कि यह जनसभा समाजवादी पार्टी के लिए सफल स्थापित होगी या नहीं। Noida News
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