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Wednesday, March 18, 2026
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    MSG Bhandara: ”आप दो महीने लगाओ, गारंटी हम देते हैं!”

    MSG Gurumantra Bhandara Month: बुधरवाली (सच कहँ न्यूज)। पावन एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा माह रविवार को राजस्थान की साध-संगत ने श्रद्धा भाव से मनाया। इस अवसर पर एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केन्द्र मौजपुर धाम, बुधरवाली, सादुलशहर, श्रीगंगानगर (राज.) में पावन एमएसजी गुरुमंत्र माह के भंडारे का आयोजन किया गया। पावन भंडारे में इन राज्यों से बड़ी संख्या में साध-संगत ने शिरकत की। उल्लेखनीय है कि पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज, पूजनीय परमपिता शाह सतनाम जी महाराज और पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने मार्च माह में गुरुमंत्र प्राप्त किया था। इसलिए इस माह को डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत पावन एमएसजी गुरुमंत्र भंडारा माह के रूप में मनाती है। MSG Bhandara

    सुबह 9 बजे पवित्र नारा ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ के साथ पावन भंडारे का आगाज हुआ

    सुबह 9 बजे पवित्र नारा ‘धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा’ के साथ पावन भंडारे का आगाज हुआ। इस अवसर पर साध-संगत ने पवित्र नारा लगाकर पूज्य गुरु जी को पवित्र भंडारे की बधाई दी। वहीं कविराजों ने विभिन्न भक्तिमय भजनों के माध्यम से गुरु महिमा का गुणगान किया। तत्पश्चात साध-संगत ने बड़ी-बड़ी स्क्रीनों के माध्यम से पूज्य गुरु जी के पावन अनमोल वचनों को एकाग्रचित होकर श्रवण किया। इस अवसर पर डेरा सच्चा सौदा द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई कार्यों में ‘इन्सानियत’ मुहिम के महत्व को दर्शाती डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई, जिसके तहत साध-संगत पूज्य गुरु जी के पावन वचनों पर चलते हुए मानसिक रूप से परेशान व मंदबुद्धियों की सार-संभाल और उपचार करवाकर उनके परिजनों के पास पहुँचाती है।

    इसके साथ ही नशों के खिलाफ जागरूक करते पूज्य गुरु जी के भजन ‘मेरे देश की जवानी’ और ‘आशीर्वाद मांओ का’ भी चलाए गए। नामचर्चा की समाप्ति पर सभी साध-संगत को सेवादारों ने कुछ ही मिनटों में प्रसाद और लंगर भोजन बरताया। इस दौरान साध-संगत की सुविधा के लिए डेरा सच्चा सौदा प्रबंधन द्वारा की गई व्यवस्था सराहनीय रही। वहीं पावन भंडारे में ट्रैफिक, पंडाल, पेयजल, लंगर-भोजन, सफाई सहित विभिन्न समितियों के सेवादारों ने अपनी सेवाएं बखूबी निभाई। MSG Bhandara

    • बड़ी संख्या में सेवादारों ने साध-संगत की सुविधा के लिए की सेवा
    • गर्मी के मद्देनजर लगाई गईं पानी की छबीलें,
    • मंदबुद्धियों की संभाल करने का संदेश दे गई डॉक्यूमेंट्री ‘इंसानियत’
    • साध-संगत की सुविधा के लिए बनाए गए अलग-अलग ट्रैफिक ग्राऊंड

    सत्संग में मिलता है सच का संग: पूज्य गुरु जी | MSG Bhandara

    पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने पावन अनमोल वचनों में फरमाया कि परमपिता परमात्मा की याद में बैेठना कोई आसान काम नहीं होता। सत्संग ऐसी जगह होती है, अगर ध्यान से सुनो तो आपके बहुत सारे सवालों का जवाब मिल जाता है। सत्संग ऐसी जगह होती है, जहां सच का संग मिलता है। आपजी ने फरमाया कि आज तपती-बलती दुनिया में, इस घोर कलियुग में सच कई लोग ढूंढ-ढूंढ कर बोलते हैं और सच बोलना मुश्किल है। यहां जिस सच की बात कर रहे हैं उसकी चर्चा करना तो बहुत ज्यादा मुश्किल है और वो सच है ओउम, हरि, अल्लाह, गॉड, खुदा, रब्ब, वाहेगुरु, परमात्मा। हर चीज़ बदल जाती है लेकिन मालिक न बदला था, ना बदला है और ना बदलेगा।

    पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि बात करते हैं साइंस, विज्ञान और परमपिता परमात्मा के संतों की, भक्तों की। क्या फ़र्क है? कई पढ़े लिखे सज्जन बैठे होंगे। सोच रहे होंगे परमात्मा होता ही नहीं। ये तो ना मानने वाली बात है। किसी बंद कमरे में बैठकर आप कह दो कि सारी दुनिया तबाह हो गई तो क्या आपके कहने से सारी दुनिया तबाह हो गई? लोग कहेंगे कि अरे तूने अपने आपको बंद कमरे में कैद कर रखा है, इसलिए तुझे बाहर दिखता नहीं, दुनिया तो ज्यों की त्यों है। तो उसी तरह आपके कह देने मात्र से कि परमात्मा नहीं होता, परमात्मा नहीं है, ये कहना गलत है। आपजी ने फरमाया कि वो (परमात्मा) कण-कण में है, पर तूने उसकी तरफ से अपने ज्ञान चक्षु बंद कर रखे हैं। ओपन माइंड बैठो, खुले दिल से बैठो, जो सवाल है हमसे पूछो, हम यूं चुटकियों में जवाब देंगे, है कैसे नहीं। MSG Bhandara

    आप दो महीने लगाओ, गारंटी हम देते हैं आपको अंदर से मिलेगा: पूज्य गुरु जी

    पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि आप डिग्रियां लेते हैं, रिसर्च करते हैं, बड़ी-बड़ी डिग्रियां, कितनी ज़िंदगी लगाते हैं उसके लिए। ज़िंदगी के कम से कम, हमें जो लगता है, 20 से 30 साल के बीच का समय आप उन डिग्रियों के लिए, डॉक्टरेट के लिए लगाते ही लगाते हैं। तो आपने कह दिया कि परमात्मा होता नहीं, तो क्या उसके लिए रिसर्च करने में 20 से 30 महीने लगाए हैं? क्या आपने उसके लिए इतनी भक्ति की है? नहीं की, तो फिर बैठे-बैठे कैसे कह दिया कि वो नहीं है? हम कहें कि आपकी डिग्रियां ही नहीं है तो कैसे लगेगा?
    आप कहोगे कि जी, मैंने 25 साल लगाए हैं, इधर 25 महीने लगाओ, गारंटी हम देते हैं आपको अंदर से मिलेगा। अजी, 25 महीने छोड़ो, आप दो महीने लगाओ इसकी गारंटी देते हैं और बताओ। डिग्री, जो एक दुनियावी डिग्री है, मेज के नीचे से भी मिल जाती है, बुरा ना मनाना, कलियुग है। बहुत जगहों पर देखा है। लेकिन ये वाली डिग्री प्रैक्टिकली मैथड आॅफ मेडिटेशन, गुरुमंत्र, नाम शब्द लेना पड़ेगा, उसका जाप करना पड़ेगा, परहेज रखने पड़ेंगे, सिर्फ दो महीने, थोड़ा देखना चाहते हो तो घंटा सुबह-शाम, पाँच दिन और रात बनते हैं दो महीनों में भी। इतना ही करके देख लो रिजल्ट न आए तो कह देना। MSG Bhandara