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    भारत भूषण भारती को क्लीन चिट

    Anti Brahmin Remarks: Clean Chit, HSSC, Former Chairman Bharat Bhushan Bharti, Joins Again

    एचएसएससी परीक्षा में ब्राह्मणों से जुड़े आपत्तिजनक सवाल
    पर छिनी थी कुर्सी

    चंडीगढ़ (ब्यूरो)। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) की जूनियर इंजीनियर (सिविल) की लिखित परीक्षा में ब्राह्मणों से जुड़े आपत्तिजनक सवाल पूछे जाने के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस दर्शन सिंह ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में कर्मचारी चयन आयोग के निलंबित चेयरमैन भारत भूषण भारती क्लीन चिट दे दी गई है। मामले के बाद भारती को निलंबित कर दिया गया था। अब उन्हें बहाल कर दिया गया है। उनके निलंबन के दौरान आइएएस दीप्ति उमाशंकर को चेयरपर्सन लगाया गया था।

    रिटायर्ड जस्टिस दर्शन सिंह ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट, सेवाएं तुरंत बहाल

    सरकार को सौंपी अपनी रिपोर्ट में रिटायर्ड जस्टिस दर्शन सिंह ने ब्रह्मणों से जुड़े सवाल मामले में भारती की भूमिका नहीं पाई। रिपोर्ट में जस्टिस दर्शन सिंह ने आयोग की परीक्षा प्रणाली में सुधार लाने और भर्तियों में पारदर्शिता लाने के कई सुझाव भी दिए हैं। जस्टिस दर्शन सिंह और एडवोकेट जनरल दोनों ने रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच जाने की पुष्टि की है। जस्टिस दर्शन सिंह ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया है कि भविष्य में ऐसे विवादित सवालों से बचा जाना चाहिए। चेयरमैन और सदस्यों को चूंकि यह पता नहीं होता कि पेपर में क्या प्रश्न पूछे जाने वाले हैं, इसलिए पूरी जिम्मेदारी मुख्य परीक्षक और परीक्षक की होती है। लिहाजा भविष्य में यदि कोई ऐसी गलती दोहराई जाती है तो गाज उन्हीं पर गिरेगी। जस्टिस दर्शन ने रिपोर्ट में परीक्षाओं की गोपनीय बरकरार रखने को लेकर कई बिंदु सुझाए हैं।

    ये था मामला

    कर्मचारी चयन आयोग द्वारा 10 अप्रैल को ली गई इस परीक्षा में 75वें नंबर के सवाल में पूछा गया था कि कौन-सा हरियाणा में अपशकुन नहीं माना जाता है? जवाब में चार विकल्प दिए गए जिसमें पहला खाली घड़ा, दूसरा फ्यूल भरा कास्केट, तीसरा काले ब्राह्मण से मिलना और चौथा ब्राह्मण कन्या को देखना था। परीक्षा की उत्तर कुंजी में सही उत्तर ब्राह्मण कन्या को देखना दशार्या गया था। इसे इश्यू बनाते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण आरक्षण संघर्ष समिति ने कई स्थानों पर प्रदर्शन करते हुए पूछा कि क्या काले ब्राह्मण से मिलना अपशकुन हैं? इसके साथ ही दोषियों पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर विभिन्न स्थानों पर ज्ञापन सौंपे गए थे।

    हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के चेयरमैन पद को वित्तायुक्त स्तर के आइएएस अधिकारी के बराबर माना जाता है। ऐसे में किसी आइएएस से मामले की जांच कराई जाती तो विवाद भी खड़ा हो सकता था। जस्टिस दर्शन सिंह हाल ही में सेवानिवृत्त हुए थे।

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