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Monday, February 2, 2026
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    Australia: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में मास शूटिंग के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनाया यह कड़ा रुख

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    Australia: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में मास शूटिंग के बाद ऑस्ट्रेलिया ने अपनाया यह कड़ा रुख

    Sydney Shooting Updates: सिडनी। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर की गई सामूहिक गोलीबारी ने विश्वभर को स्तब्ध कर दिया है। उत्सव में शामिल लोगों पर हथियारबंद पिता–पुत्र ने अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें अब तक 16 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जबकि मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इस निर्मम हमले में 10 वर्ष की बालिका से लेकर 82 वर्ष के वृद्ध तक को नहीं बख्शा गया। Australia News

    इस भयावह घटना ने ऑस्ट्रेलिया को वर्ष 1996 में तस्मानिया के पोर्ट आर्थर में हुए नरसंहार की कड़वी याद दिला दी है। घटना के बाद प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज की अगुवाई में राष्ट्रीय कैबिनेट की आपात बैठक हुई, जिसमें यहूदी-विरोधी घृणा, हिंसा और आतंकवाद के विरुद्ध कठोर रुख अपनाने का संकल्प दोहराया गया। सरकार ने सामाजिक सौहार्द, सामुदायिक सुरक्षा और हिंसक उग्रवाद से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयासों पर बल दिया है।

    कैबिनेट की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए बंदूक कानूनों (Gun Law Reform) में त्वरित, सशक्त और निर्णायक सुधार आवश्यक हैं। इसके तहत 1996 के पोर्ट आर्थर कांड के बाद लागू किए गए नेशनल फायरआर्म्स एग्रीमेंट की पुनः समीक्षा और उसे और अधिक सुदृढ़ बनाने पर सहमति बनी है। Australia News

    राष्ट्रीय कैबिनेट के इस निर्णय का स्वागत

    सिडनी से सांसद जॉली स्टेगल ने राष्ट्रीय कैबिनेट के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि है और कानून इतने कठोर होने चाहिए कि भविष्य में इस प्रकार की त्रासद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया में 40 लाख से अधिक वैध लाइसेंस प्राप्त हथियार मौजूद हैं, जो पोर्ट आर्थर नरसंहार से पूर्व की संख्या से भी अधिक हैं।

    सरकार जिन प्रस्तावित सुधारों पर विचार कर रही है, उनमें राष्ट्रीय गन रजिस्टर को शीघ्र प्रभावी बनाना, एक व्यक्ति को दिए जाने वाले हथियार लाइसेंसों की संख्या सीमित करना तथा कुछ विशेष प्रकार की बंदूकों पर प्रतिबंध लगाना शामिल है।

    बोंडी बीच में हुई यह गोलीबारी बीते तीन दशकों में ऑस्ट्रेलिया की सबसे भयावह घटनाओं में गिनी जा रही है। इससे पहले 28 अप्रैल 1996 को पोर्ट आर्थर में हुए नरसंहार में 35 लोगों की जान गई थी। उस घटना के बाद लागू किए गए कठोर बंदूक कानूनों के कारण देश में सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई थी। हालांकि, सिडनी की ताजा घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि बदलते हालात में कानूनों को और अधिक सख्त व प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। Australia News