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Saturday, February 7, 2026
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    अजीब है यहां की रीत, मृतदेह का नहीं करते अंतिम संस्कार, जानें वजह

    Body Donation Campaign

    डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु जी ने शुरू की है शरीरदान मुहिम

    • मरकर भी किया ऐसा काम कि दुनिया कर रही सलाम
    • कृष्ण लाल चौपड़ा इन्सां की पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च के लिए दान
    • शरीरदान करने से पहले किए नेत्रदान
    • कृष्ण लाल चौपड़ा इन्सां ने मरणोपरांत शरीरदान करने का लिया था प्रण
    • डॉक्टर बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टिट्यूट आॅफ मैडीकल साइंस फेज- 6, एसएएस नगर, मोहाली को दान की मृत देह

    चंडीगढ़ (एम के शायना)। धन्य होते हैं ऐसे लोग जो जीते जी तो समाज सेवा करते ही हैं पर इस जहां से विदा होते हुए भी इंसानियत की ऐसी अनूठी मिसाल पेश कर दुनिया के लिए प्रेरणा स्रोत बन जाते हैं। इसी क्रम में पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए सैक्टर 21 बी चंडीगढ़ निवासी स्वर्गवासी कृष्ण लाल चौपड़ा इन्सां का पार्थिव शरीर डॉक्टर बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टिट्यूट आॅफ मैडीकल साइंस फेज- 6, एसएएस नगर, मोहाली को भेजा गया।

    Body Donation Campaign

    इससे पहले उनकी आंखें भी हस्पताल पीजीआई चंडीगढ़ में सुरक्षित निकालकर दान की गई जो दो अंधेरी जिंदगीयों को रौशनी प्रदान करेंगी। जानकारी देते हुए ब्लॉक भंगीदास रणबीर इन्सां ने बताया कि चंडीगढ़ निवासी कृष्ण लाल चौपड़ा इन्सां अपनी स्वाँसो रुपी पूंजी पूरी कर कुल मालिक के चरणों में सचखण्ड जा विराजे उनकी अंतिम इच्छा अनुसार परिवारवालों ने उनका शरीर मेडिकल खोजों के लिए दान कर एक अनोखी मिसाल कायम की।

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    मेडिकल रिसर्च के लिए दान दिया पार्थिव शरीर

    कई वर्षों पूर्व डेरा सच्चा सौदा से नाम लेकर गुरु जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए कृष्ण लाल इन्सां जी ने घर के कार्यों व डेरा सच्चा सौदा में शाह मस्ताना जी धाम शाही कैंटीन में अपनी सेवा को बखूबी निभाया व पूज्य गुरु जी द्वारा दिखाए मार्ग पर चलते हुए मरणोपरांत शरीरदान करने का फैसला लिया। परिवार के लोगों ने उनके फैसले का स्वागत किया। गत दोपहर को उनको अतिंम विदाई देने के लिए ब्लॉक स्तर से शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के सेवादार भाई बहनें, रिश्तेदार, परिजन, साध-संगत व धर्मपत्नी किरण इंसा, पुत्र पुत्रवधूएं और उनके आवास पर एकत्रित हुए तथा विनती का भजन बोलकर विदा किया।

    इस समय कृष्ण लाल चौपड़ा इन्सां की बहुओं शैलजा इन्सां, श्वेता इन्सां और बेटों राजेश इन्सां, गगन इन्सां ने उनकी अर्थी को कंधा दिया। पूरे चंडीगढ़ में हर किसी के मुख पर मानवता के सच्चे प्रहरी का नाम था और ‘कृष्ण लाल चौपड़ा इन्सां अमर रहे.. अमर रहे..’ के नारे चंडीगढ़ में गूंज रहे थे और हर किसी का अपने आप सलामी के लिए हाथ उठ रहा था। इस मौके ब्लाक के जिम्मेदार 45 मेंबर कमेटी के सदस्य, रिश्तेदार व भारी तादाद में साध-संगत उपस्थित रहे।

    इस दुखद घड़ी में परिवार और रिश्तेदारों ने भी किया मरणोपरांत शरीर दान करने का प्रण

    सच कहूं संवाददाता से बातचीत करते हुए कृष्ण लाल चोपड़ा की बहू शैलजा चोपड़ा इन्सां ने बताया कि पूज्य गुरु जी के नेतृत्व में हमारे ससुर ने हमें हमेशा अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित किया है आज उन्होंने शरीर दान करके पूरे समाज में मानवता भलाई की अलख जगाई है उनसे प्रेरित होकर आज आज हमने भी मरणोपरांत शरीर दान करने का प्रण लिया है।

    डेरा अनुयायियों द्वारा चलाई जा रही शरीर दान मुहिम सराहनीय

    इस मौके डॉक्टर बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टिट्यूट आॅफ मैडीकल साइंस फेज- 6, एसएएस नगर, मोहाली में डेड बॉडी रिसीव करने पर डॉक्टर मनीषा ने बताया कि परिवार के द्वारा इस दुखद समय में बहुत सराहनीय कार्य किया गया है। उन्होंने बताया डेरा सच्चा सौदा की ओर से पहले भी हमारे यहां शरीर दान कर डेड बॉडीयां भेजी गई हैं। एक डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल रिसर्च के लिए बॉडी का होना बहुत जरूरी है और हमें डैड बॉडीज की बहुत शॉर्टेज रहती है। उन्होंने कहा डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाई गई शरीर दान मुहिम वाक्य में काबिले तारीफ है और परिवार का ऐसी घड़ी में शरीर दान करना दूसरों के लिए भी मिसाल पैदा कर रहा है।

    -डॉ. मनीषा प्रोफेसर एंड हेड डिपार्टमेंट आॅफ एनाटॉमी / बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टिट्यूट आॅफ मैडीकल साइंस फेज- 6, एसएएस नगर, मोहाली

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