
ब्लॉक पटियाला की 33वीं देहदान करने वाली बनीं माता गुरदियाल
- काउंसलर जगमोहन ने हरी झंडी दिखाकर वैन को किया रवाना
पटियाला (सच कहूँ/खुशवीर तूर)। Body Donation: डेरा श्रद्धालु जहां जीवित रहते हुए मानवता भलाई के कार्यों में अग्रणी रहते हैं, वहीं मृत्यु के बाद भी मानव सेवा में आगे रहते हैं। इसी क्रम में ब्लॉक पटियाला के बडूंगर क्षेत्र की माता गुरदियाल कौर इन्सां, पत्नी स्वर्गीय दरबारा सिंह का शरीर मेडिकल शोध के लिए ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंस, धूलकोट, देहरादून (उत्तराखंड) को दान किया गया। यह ब्लॉक पटियाला का 33वां देहदान है। इस अवसर पर अंतिम यात्रा की वैन को काउंसलर जगमोहन सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों और साध-संगत ने ‘माता गुरदियाल कौर इन्सां अमर रहें’ के नारों के साथ वैन को रवाना किया।
माता गुरदियाल कौर इन्सां की एक बेटी बलविंदर कौर दिल्ली में सच्चे नम्र सेवादार के रूप में सेवाएं निभा रही हैं, जबकि दूसरी बेटी परमजीत कौर बडूंगर क्षेत्र की प्रेमी समिति में सेवाएं दे रही हैं और तीसरी बेटी रेनू बाला ब्लॉक पटियाला में सेवा कार्यों में सक्रिय हैं। इस मौके पर संबोधित करते हुए काउंसलर जगमोहन सिंह ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा से जुड़े श्रद्धालुओं ने देहदान के क्षेत्र में एक अनूठी मिसाल कायम की है। आज परिवार द्वारा माता का देहदान कर समाज को एक प्रेरणादायक संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालु मानवता भलाई के कार्यों में समाज में एक नया अध्याय लिख रहे हैं।
इस अवसर पर सच्चे नम्र सेवादार हरमिंदर नोना, करणपाल पटियाला, संदीप इन्सां, कैप्टन जरनैल सिंह और बिंदर ने कहा कि माता जी द्वारा दान किए गए शरीर से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को नई-नई जानकारियां और शोध कार्यों में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरु जी के वचनों पर चलते हुए डेरा श्रद्धालु समाज के लिए प्रकाश स्तंभ बन रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि माता गुरदियाल कौर इन्सां लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी हुई थीं और जब भी उन्हें सेवा का अवसर मिलता, वे हमेशा तत्पर रहती थीं। Body Donation
इस मौके पर सच्ची प्रेमी समिति के सदस्य मामचंद इन्सां, गंगा राम इन्सां, नैब सिंह इन्सां, हरदेव सिंह इन्सां, सरबजीत हैप्पी इन्सां सहित बड़ी संख्या में रिश्तेदार, परिजन और साध संगत उपस्थित रहे।
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