हमसे जुड़े

Follow us

15.1 C
Chandigarh
Saturday, February 14, 2026
More

    Banda Kalinjar Mahotsav 2026: संस्कृति की आत्मा’ के संगम में सजेगा बुंदेलखंड, बांदा बनेगा सांस्कृतिक राजधानी!

    Kalinjar Mahotsav

    Banda Kalinjar Mahotsav 2026: बांदा। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड अंचल में अवस्थित ऐतिहासिक नगरी बांदा 15 से 17 फरवरी तक सांस्कृतिक आभा से आलोकित होगी। ‘इतिहास की गूंज, संस्कृति की आत्मा’ विषयवस्तु पर आधारित कालिंजर महोत्सव–2026 तीन दिवसीय आयोजन के रूप में विरासत, पर्यटन और लोक सहभागिता का सजीव उत्सव बनेगा। कटरा कालिंजर मेला मैदान में आयोजित इस समारोह का संचालन जिला प्रशासन और पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के संयुक्त प्रयासों से किया जा रहा है। ऐतिहासिक Kalinjar Fort की भव्य पृष्ठभूमि इस महोत्सव को विशिष्ट गरिमा प्रदान करेगी। Kalinjar Mahotsav

    प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Jaiveer Singh ने कहा कि यह आयोजन बुंदेलखंड की सांस्कृतिक चेतना को राष्ट्रीय पहचान देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने बताया कि बुंदेली लोकनृत्य, आल्हा गायन, भक्ति संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियां क्षेत्रीय परंपराओं को व्यापक मंच प्रदान करेंगी।

    खेल और प्रतिभा प्रदर्शन का संगम | Kalinjar Mahotsav

    महोत्सव के अंतर्गत प्रतिदिन प्रातः 8 बजे से सायं 4 बजे तक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 15 फरवरी को खो-खो, 16 फरवरी को कबड्डी तथा 17 फरवरी को पारंपरिक दंगल प्रतियोगिता होगी। इससे युवाओं में उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना को बढ़ावा मिलेगा। ‘बांदा गॉट टैलेंट’ कार्यक्रम स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर देगा। 15 फरवरी को विद्यालय स्तर, 16 फरवरी को महाविद्यालय स्तर और 17 फरवरी को जनपद स्तरीय प्रतिभाओं की विशेष प्रस्तुतियां होंगी।

    प्रतिदिन अपराह्न 4 से 6 बजे तक ‘स्थानीय सांस्कृतिक धरोहर’ कार्यक्रम के अंतर्गत बुंदेली लोकनृत्य और वीर रस से ओत-प्रोत आल्हा गायन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात सायं 6 से रात्रि 10 बजे तक भव्य सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी। समापन दिवस पर चर्चित गायिका Mamta Sharma अपनी प्रस्तुति देंगी, जिससे आयोजन का समापन स्मरणीय बनने की संभावना है।

    स्वरोजगार और ग्रामीण उत्पादों को प्रोत्साहन | Kalinjar Mahotsav

    मंडलीय सरस मेले में National Rural Livelihood Mission से जुड़ी महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इससे स्थानीय उद्यमिता और स्वरोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा। अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य) अमृत अभिजात ने कहा कि यह आयोजन बुंदेलखंड की ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कालिंजर महोत्सव–2026 पर्यटन संवर्धन, सांस्कृतिक संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में मील का पत्थर सिद्ध होगा।