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    सावधान! चाऊमीन से बच्चे की जान पर बनी, फेफड़ा फटा, पहुँचाया अस्पताल

    careful! Chaumin is made on the life of the baby, lunged, transported hospital
    • 20 दिन में तीन बार हुआ हार्ट फेल

    यमुनानगर (सच कहूँ न्यूज)। अगर आपके बच्चे फास्ट फूड के शौकीन हैं तो आपको संभलने की जरूरत है। क्योंकि ये खाना आपके बच्चे की जान पर भी भारी पड़ सकता है। ऐसा ही एक मामला यमुनानगर में सामने आया है, जहां चाउमीन खाने से एक साढ़े तीन साल के बच्चे की जान पर बन आई। दरअसल इस बच्चे ने चाउमीन के साथ सॉस (एसिटिक एसिड) अधिक ले लिया था, जिससे उसके अंदरूनी अंगों पर असर पड़ा और शरीर पर गिरने से वह झुलस गया। इस बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया है। बच्चे का पिछले 20 दिनों में तीन बार हार्ट बंद हो चुका है और उसका फेफड़ा भी फट गया। इस केस से डॉक्टर भी हैरान हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत बच्चे का इलाज किया जा रहा है।

    • बच्चे को तुरंत गाँव में ही एक डॉक्टर के पास ले जाया गया

    जानकारी के अनुसार मदीपुर निवासी मंजूर हसन के दो बेटे हैं। 31 मई को उनका छोटा बेटा उस्मान चाउमीन खाने की जिद कर रहा था। वह पास में ही लगी रेहड़ी पर बच्चे को लेकर चला गया। बच्चे ने रेहड़ी पर रखे सॉस को चाउमीन में डाला। बाद में उसको पीने लगा। इस दौरान सॉस उसके पैरों पर भी गिर गया। कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। बच्चे को तुरंत गाँव में ही एक डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ और शरीर काला पड़ने लगा। तत्पश्चात बच्चे को लेकर वह गाबा अस्पताल पहुंचे।

    हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने एक बार तो भर्ती करने से ही इनकार कर दिया, लेकिन बहुत अनुरोध करने पर वहां के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. निखिल बंसल ने बच्चे को भर्ती कर लिया। तुरंत आपरेशन किया गया। डॉ. निखिल ने बताया कि जब बच्चा हमारे पास आया, तो उसका बीपी डाउन था और नब्ज भी नहीं मिल रही थी। फेफड़े फट गए थे। ट्यूब लगाकर उसमें फंसा मल निकाला गया। उन्होंने कहा कि फेफड़ा फटने के दो कारण हो सकते हैं। मेरे पास आने से पहले परिजन बच्चे को लेकर कई डॉक्टरों के पास गए थे, संभव है उन्होंने ज्यादा आक्सीजन दे दिया हो। अधिक हवा भरने से खाने के साथ अंदर गया एसिड सीधे फेफड़े में चला गया, जिससे वह फट गया। कई बार सांस फंसने पर ज्यादा जोर लगाकर तेजी से सांस लेते हैं तब भी फेफड़ा फट जाता है।

    • एसिटिक एसिड का हानिकारक

    विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाद बढ़ाने के लिए सॉस में एसिटिक एसिड मिलाया जाता है। ऐसा सॉस सेहत के लिए बेहद हानिकारक होता है। चाट विक्रेता भी इस एसिड का प्रयोग गोल गप्पे के पानी को टेस्टी बनाने के लिए करते हैं।

    • कृत्रिम सांस से बचाई जान

    इलाज के दौरान ही उस्मान के हार्ट ने कार्य करना बंद कर दिया। अस्पताल के ही हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. बी.एस. गाबा ने उसे कृत्रिम सांस देकर बचाया। इलाज के दौरान तीन बार उसका हार्ट बंद हुआ, क्योंकि एसिटिक एसिड के कारण उसके आॅर्गन अंदर से जल चुके थे। तभी से बच्चा वेंटिलेटर पर है। फिलहाल उसकी हालत में सुधार है। सॉस गिरने से बच्चे के पिता उस्मान का हाथ भी जला हुआ है।

    डॉ. बीएस गाबा के मुताबिक, इस तरह का यह पहला केस उनके सामने आया है। बच्चे को कॉर्डिक अरेस्ट भी हो चुका है।

    • क्या कहते हैं चिकित्सक

    इस तरह का पहला मामला है। सॉस खाने से बाहरी या आंतरिक हिस्सा नहीं झुलस सकता। इसकी जांच कराएंगे।
    -डॉ. कुलदीप सिंह,  सिविल सर्जन, यमुनानगर

     

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