पत्रकारों की जासूसी का मामला : प्रैस क्लब का संगरूर में प्रदर्शन

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journalist espionage case

सदस्यों ने जिला प्रबंधकीय परिसर तक रोष मार्च कर केन्द्र सरकार के विरूद्ध की जमकर नारेबाजी (Journalist Espionage Case)

सच कहूँ/नरेश कुमार

संगरूर। भास्कर समूह पर आयकर के छापों और 40 पत्रकारों की जासूसी मामले में मीडिया कर्मचारियों में भी भारी रोष पाया जा रहा है। शुक्रवार को प्रैस क्लब संगरूर के दर्जनों सदस्यों ने शहर के लालबत्ती चौक में केन्द्र सरकार के विरूद्ध प्रदर्शन किया। इस दौरान सदस्यों ने जिला प्रबंधकीय परिसर तक रोष मार्च कर केन्द्र सरकार के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की। मांग की गई कि सच की आवाज को दबाना बंद किया जाए। रोष स्वरूप डीसी को ज्ञापन देने पहुंचे मीडिया कर्मचारियों को पुलिस ने जिला प्रबंधकीय परिसर के गेट पर ही रोक लिया गया जिससे सदस्यों में गुस्सा और भड़क गया। डीसी रामवीर के हस्ताक्षेप के बाद सदस्यों ने डीसी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

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क्लब प्रधान राजेश कोहली ने कहा कि एक तरफ सरकार मीडिया- प्रैस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताती है दूसरी और सच प्रकाशित करने पर भास्कर समूह पर छापेमारी की जा रही है। सच को रोकने के लिए पत्रकारों की जासूसी करवाई जा रही है। आजाद देश में सभी को अपनी बात कहने और लिखने का पूरा अधिकार है। केन्द्र सरकार ऐसे धक्केशाही कर मीडिया को डरा नहीं सकती है।

सीनियर पत्रकार अवतार सिंह, गुरदीप लाली, किरती पाल का कहना है कि लोकतंत्र की सफलता और मीडिया की आजादी के लिए सुरक्षित माहौल होना बेहद जरूरी है। केन्द्र सरकार की मीडिया के विरूद्ध कारवाई निंदनीय है जिसे बर्दाशत नहीं किया जा सकता है। मौके पर नरेश कुमार, राकेश गागी, अनिल जैन, जेपी गोयल, अश्वनी शर्मा, हरजीत सिद्धू, संजीव कुमार, अमन शर्मा, राज नागपाल, रवि कुमार, प्रिंस परोचा, टोनी आदि उपस्थित थे।

मीडिया की आजादी पर हमला करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की मांग

मांग की गई कि मीडिया की आजादी पर हमला करने वालों के विरूद्ध सख्त कारवाई की जाए। छापेमारी को तुरंत बंद करवाया जाए। मामले की निष्पक्ष जांच करवा कर जिम्मेदारों को बनती सजा दी जाए।

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