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    लॉकडाउन में विद्यार्थियों पर न बनाएं फीस के लिए दबाव

    Manohar Lal Khattar

    कोरोना इफैक्ट : स्कूलों के बाद कॉलेज, विश्वविद्यालयों से सीएम ने की अपील (CM Appeals )

    • ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से जारी रखें पढ़ाई, खर्चों को सीमित करें संस्थान

    चंडीगढ़ (अनिल कक्कड़/सच कहूँ)। कोरोना महामारी के चलते बंद पड़े स्कूलों द्वारा बच्चों से फीस लेने की खबरों के बाद अब प्रदेश के निजी कॉलेज, यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों पर फीसों के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसका संज्ञान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लिया है। सीएम ने राजकीय और निजी विश्वविद्यालयों तथा कॉलेजों से अपील की है कि वे किसी भी छात्र को लॉकडाउन अवधि के दौरान फीस का भुगतान करने के लिए जोर न दें। मुख्यमंत्री रविवार को यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री ने विभिन्न शोधों का संचालन करने वाले विश्वविद्यालयों से अपील करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में समाज की भलाई के लिए विश्वविद्यालयों को अपने अनुसंधान परियोजनाओं का उपयोग कोविड-19 की लड़ाई लड़ने के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विश्वविद्यालय को सोशल डिस्टेंसिग के मानदंडों का पूर्ण रूप से पालन करना चाहिए।

    बाधित न हो शिक्षा, जारी रखें ऑनलाइन  कक्षाएं

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की शिक्षा बाधित न हो, इसलिए हर विश्वविद्यालय और कॉलेज ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक आॅनलाइन परीक्षा आयोजित करने की संभावनाएं तलाशी जाएं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा परिषद की बैठक जल्द ही आयोजित की जानी चाहिए, ताकि परिक्षाओं को संचालित करने की योजना बनाई जा सके। बैठक के दौरान, शिक्षकों ने बताया कि अधिकांश ने पहले से ही विभिन्न ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि छात्रों के साथ लाइव क्लासेस, ऑनलाइन वर्कशीट, पीपीटी प्रेजेंटेशन आदि चलाई जा रही हैं, ताकि छात्रों को उनके पाठ्यक्रम को कवर करने में मदद मिल सके। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रत्येक शिक्षक यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित रूप से काम कर रहा है कि शिक्षा सामग्री और सभी शैक्षणिक सहायता उन बच्चों को भी दी जाए, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है।

    फालतू खर्चों से बचें कॉलेज-यूनिवर्सिटी प्रशासन

    सीएम ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और महाविद्यालयों के प्राध्यापकों से आग्रह किया कि वे सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करने की सच्ची भावना से प्रत्येक शिक्षक को इस संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद करने के लिए आगे आएं। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि प्रत्येक विश्वविद्यालय और कॉलेज को अपने खर्च को केवल महत्वपूर्ण कार्यों के लिए सीमित करना चाहिए। अन्य गतिविधियों पर फिलहाल विराम रखें।

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