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Wednesday, February 11, 2026
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    विधानसभा में चाहिए एंट्री तो लानी पड़ेगी कोरोना की रिपोर्ट

    Anil-Vij

    गृह मंत्री अनिल विज ने विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता को दी सलाह

    • विधानसभा में कोरोना टेस्ट के बिना एंट्री बैन हो
    • पत्रकारों की एंट्री पर भी लागू हो शर्तें

    चंडीगढ़(अश्वनी चावला)। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में अगर किसी को भी एंट्री चाहिए तो उसको कोरोना की नेगेटिव रिपोर्ट साथ में लेकर आनी ही पड़ेगी अन्यथा उसे विधानसभा के इस सत्र में एंट्री ही न दी जाए। यह नियम किसी आम व्यक्ति नहीं बल्कि मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्रियों व प्रतिपक्ष लीडर से लेकर सभी विधायकों तक लागू होना चाहिए। इस नियम से पत्रकारों को भी किसी भी तरह की छूट नहीं मिलनी चाहिए और उनका भी कोरोना टेस्ट होना चाहिए। यह सलाह हरियाणा के गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने हरियाणा विधानसभा के स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता को दी है। अनिल विज ने स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता से फोन पर बातचीत करते हुए उन्हें कहा कि कोविड-19 को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, नेता प्रतिपक्ष और विधायकों के लिए भी नियम की मांग

    प्रदेश में बड़े स्तर पर मामले लगातार बढ़ रहे हैं और ऐसे लोगों को भी कोरोना हो चुका है, जो कि अपने आपको काफी हद तक सुरक्षित मान रहे थे। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी तरह की असावधानी लेना मुश्किल खड़ी कर सकती है, ऐसे में सभी का कोविड-19 टेस्ट होना बहुत ज्यादा जरूरी है। अनिल विज ने सलाह दी है कि कोविड-19 के टेस्ट में किसी को भी छूट नहीं दी जानी चाहिए। बल्कि सभी को एक समान रखते हुए कोविड-19 का टेस्ट करवाने के आदेश दिए जाने चाहिए और विधानसभा के सत्र दौरान जो भी भाग लेने के लिए अनुमति अनुसार विधानसभा कंपलेक्स में आएगा तो उसके पास कोविड-19 टेस्ट की नेगटिव रिपोर्ट होनी चाहिए।

    उसके पश्चात ही उन्हें विधानसभा कंपलेक्स में एंट्री दी जानी चाहिए। उधर विधानसभा के स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने इस पूरे मामले पर विचार-विमर्श करने की बात कही है। सत्र की शुरूआत को अभी कुछ समय पड़ा है। ऐसे में आगामी दो-चार दिनों में ही अनिल विज द्वारा दी गई सलाह पर फैसला लिया जाएगा।

    अनिल विज ने स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता से फोन पर बातचीत करते हुए उन्हें कहा कि कोविड-19 को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। प्रदेश में बड़े स्तर पर मामले लगातार बढ़ रहे हैं और ऐसे लोगों को भी कोरोना हो चुका है, जो कि अपने आपको काफी हद तक सुरक्षित मान रहे थे। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान किसी भी तरह की असावधानी लेना मुश्किल खड़ी कर सकती है, ऐसे में सभी का कोविड-19 टेस्ट होना बहुत ज्यादा जरूरी है।

     

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