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    Civil Hospital Sirsa: नवजात का डीएनए करवाने के लिए भटक रहे दंपति, बोले: नहीं मिल रहा न्याय

    Sirsa News
    Sirsa News: अस्पताल में हरप्रीत सिंह व उसकी पत्नी और माता।

    पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के चक्कर काटने को मजबूर, मामला तक नहीं हुआ दर्ज

    • पुलिस का कहना : मामला दर्ज न होने के कारण कोर्ट से लेनी होगी डीएनए के लिए अनुमति

    सरसा (सच कहूँ न्यूज)। Child Swapping: जिला नागरिक अस्पताल में डिलीवरी के बाद बच्चा बदले जाने के आरोप मामले में पीड़ित परिवार स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के चक्कर काटने को मजबूर है। प्रसूता के पति हरप्रीत सिंह के अनुसार नागरिक अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनके साथ कोई न्याय नहीं किया गया। डिलीवरी के दौरान की सीसीटीवी फुटेज में भी स्पष्ट नहीं हो रहा कि उक्त बच्चा उनका है या नहीं। ऐसे में उन्होंने डीएनए करवाने की मांग की थी। परंतु स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए पुलिस विभाग को लिख दिया। Sirsa News

    जब वे उक्त मामले को लेकर जेजे कालोनी पुलिस चौकी पहुंचे तो वहां स्टाफ ने उन्हें इसे स्वास्थ्य विभाग का मैटर बताया। हरप्रीत के अनुसार वे अपनी शिकायत लेकर जिला पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण के पास भी गए। एसपी ने उनकी शिकायत को महिला थानाधिकारी को मार्क कर दिया। महिला पुलिस ने अस्पताल में भर्ती स्वजन से मिलकर मामले की जानकरी ली। अब हरप्रीत का कहना है कि पुलिस उन्हें ही कोर्ट से अनुमति लेकर आने के लिए कह रही है। जबकि उनकी ओर से किसी प्रकार की शिकायत पुलिस द्वारा दर्ज नहीं की गई।

    डिलीवरी के 18 दिन बाद जिला अस्पताल से मिली छुट्टी | Sirsa News

    खैरपुर निवासी हरप्रीत सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी तनु की 29 जनवरी को जिला नागरिक अस्पताल में डिलीवरी हुई थी। उसकी डिलीवरी होने के पांच घंटे तक अस्पताल प्रबंधन द्वारा उन्हें बच्चे को लेकर किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई। पांच घंटे बीतने के बाद एसएनसीयू से उसे कॉल कर अपना बच्चा लेकर जाने को कहा गया। हरप्रीत का आरोप है कि यदि उनका बच्चा हुआ तो अस्पताल प्रबंधन को उन्हें सूचित किया जाना चाहिए था और एसएनसीयू में भर्ती करने के दौरान संबंधित स्टाफ से बच्चे की एंट्री संबंधी जानकारी भी उन्हें नहीं मिली।

    इस पर मेडिकल बोर्ड से जांच करवाई गई परंतु उसमें भी कोई हल नहीं निकला। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने डीएनए करवाने के लिए उनसे पूछा। जब उन्होंने डीएनए के लिए सहमति जताई तो उसे पुलिस का मामला बता दिया। अब वे कभी स्वास्थ्य विभाग तो कभी पुलिस के चक्कर काटने को मजबूर हैं। हरप्रीत के अनुसार आमतौर पर डिलीवरी के केस में पांच या सात दिनों बाद अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है परंतु उसकी पत्नी को 18 दिन तक नागरिक अस्पताल में भर्ती रखने के बाद रविवार को चिकित्सक ने छुट्टी दी है। Sirsa News

    सीएमओ कार्यालय से डीएनए करवाने के लिए पत्र प्राप्त हुआ था। पुलिस अधीक्षक के आदेशों पर मामले की जांच की जा रही है।
                                                                                      – घनश्याम देवी, महिला थानाधिकारी सरसा।

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