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Tuesday, March 3, 2026
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    Oil Price Today: ईरान युद्ध के बाद सप्लाई संकट की चिंता से कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

    Oil Price Today

    Crude Oil Price Hike: नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। पिछले कारोबारी सत्र में तीव्र उछाल के बाद मंगलवार को कीमतों में हल्की बढ़त के साथ स्थिरता के संकेत मिले। अमेरिकी कच्चे तेल के वायदा भाव में लगभग 1 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जबकि Brent Crude भी शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। विशेषज्ञों के अनुसार, क्षेत्रीय तनाव के चलते तेल एवं गैस आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर चिंताओं ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। यह मार्ग वैश्विक तेल परिवहन का प्रमुख हिस्सा वहन करता है। Oil Price Today

    जवाबी कार्रवाइयों और ऊर्जा अवसंरचना पर खतरे की आशंका से कीमतों को समर्थन

    रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्र में संभावित जवाबी कार्रवाइयों और ऊर्जा अवसंरचना पर खतरे की आशंका से कीमतों को समर्थन मिल रहा है। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में आवागमन प्रभावित होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ सकता है। बाजार विश्लेषकों का मत है कि अल्पकालिक व्यवधान की स्थिति में कीमतों में सीमित बढ़ोतरी हो सकती है, किंतु यदि यह संकट लंबा खिंचता है तो दरें तीव्र गति से ऊपर जा सकती हैं। निवेश बैंक Morgan Stanley ने संकेत दिया है कि व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की स्थिति में ब्रेंट क्रूड की कीमतें उल्लेखनीय स्तर तक पहुंच सकती हैं।

    ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए यह स्थिति विशेष चिंता का विषय है। भारत अपने कुल कच्चे तेल आयात का बड़ा भाग इसी समुद्री मार्ग से प्राप्त करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि कीमतों में प्रत्येक एक डॉलर की वृद्धि होती है तो भारत के वार्षिक आयात व्यय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे व्यापार संतुलन और मुद्रास्फीति पर दबाव बढ़ने की संभावना रहती है। हालांकि ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण की दिशा में प्रयास जारी हैं और वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं से आयात बढ़ाने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है, फिर भी दीर्घकालिक अवरोध की स्थिति में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार फिलहाल पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक परिस्थितियां ही तय करेंगी कि कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं या पुनः तेज उछाल दर्ज करती हैं। Oil Price Today