डबवाली के साथ-साथ मसीतां व पंजाब के लंबी व बांडी ब्लॉक के सेवादारों ने भी की सेवा
डबवाली (सच कहूँ/सुभाष)। शहर के क्लब एरिया (जोन नंबर-4) में खंडहरनुमा मकान में अकेली रह रही 64 वर्षीय विधवा परमेश्वरी देवी के लिए यह सर्दी किसी इम्तिहान से कम नहीं थी। बारिश के दौरान कच्ची छत गिर जाने के बाद खुले आसमान के नीचे गुजरती रातें शीतलहर में और भी मुश्किल हो गई थीं। न कोई औलाद, न कोई सहारा, बस टूटती दीवारों के बीच जिंदगी का संघर्ष। जब यह स्थिति डबवाली ब्लॉक के डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं को पता चली, तो उनसे यह पीड़ा देखी नहीं गई।

पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए सेवादारों ने आशियाना मुहिम के तहत बुजुर्ग महिला को पक्की छत देने का संकल्प लिया। परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के पावन एमएसजी भंडारे माह और नववर्ष 2026 की खुशियों को सेवा में बदलते हुए रविवार सुबह 8:30 बजे धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा के इलाही नारे के साथ कार्य की शुरूआत की गई। हैरानी की बात यह रही कि मात्र 8 घंटे में खंडहरनुमा मकान की जगह एक मजबूत और सुरक्षित पक्का घर तैयार कर दिया गया।
निस्वार्थ भाव से दिनभर श्रमदान किया
इस सेवा कार्य में डबवाली ब्लॉक के साथ-साथ मसीतां ब्लॉक तथा पंजाब के लंबी और बांडी ब्लॉक की साध-संगत ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। सेवादारों ने ईंट, सीमेंट सहित अन्य निर्माण सामग्री का प्रबंध कर निस्वार्थ भाव से दिनभर श्रमदान किया। एक दिन में मिली यह छत न सिर्फ एक विधवा को सर्दी से राहत देने वाली बनी, बल्कि इंसानियत, सेवा और भाईचारे की वह तस्वीर भी पेश कर गई, जो समाज को सकारात्मक दिशा देने का संदेश देती है।
इस सेवा कार्य में डबवाली ब्लॉक के प्रेमी सेवक गोबिंद इन्सां, रामकृष्ण इन्सां, चमकोर इन्सां, संदीप इन्सां, रविंदर इन्सां, भारती इन्सां, मास्टर गुरपाल इन्सां, धर्मवीर रंगीला, मोहनलाल, रवि, मास्टर जोगिंदर इन्सां, खुशवीर सिंह इन्सां, राजकुमार इन्सां, प्यारेलाल, ताराचंद, लकी इन्सां सहित अनेक सेवादारों ने भागीदारी निभाई। वहीं मिस्त्री नाजर सिंह, काका सिंह, बलदेव सिंह, गुरदीप सिंह, हरदीप सिंह, बूटा सिंह सहित अन्य कारीगरों ने आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करते हुए मकान निर्माण में पूरा सहयोग दिया। Sirsa News
पूज्य गुरु जी के सेवादार फरिश्ता बनकर आए है
जब शाम ढली तब परमेश्वरी देवी को उसका नया घर सौंपा गया, तो उसकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। भावुक स्वर में उसने कहा कि दुनिया में उसका कोई नहीं था, लेकिन गुरु जी की शिक्षाओं पर चलने वाले ये सेवादार उसके लिए फरिश्ता बनकर आए हैं। उसने चारों ब्लॉकों की साध-संगत और पूज्य गुरु जी का तहेदिल से आभार व्यक्त करते हुए इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी खुशी बताया। Sirsa News















