अमलोह (सच कहूँ/अनिल लुटावा)। Desh Bhagat University: देश भगत यूनिवर्सिटी का 13वां डिग्री वितरण समारोह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ऑडिटोरियम में बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया गया। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लगभग 1500 विद्यार्थियों को इस समारोह के दौरान डिग्रियां और डिप्लोमा प्रदान किए गए। इस अवसर पर डीबीयू के चांसलर डॉ. जोरा सिंह और प्रो-चांसलर डॉ. तजिन्द्र कौर ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. संदीप सिंह ने सम्मानित अतिथियों का हार्दिक अभिनंदन किया, जबकि वाइस चांसलर डॉ. हर्ष सदावर्ती ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और महत्वपूर्ण पड़ावों को उजागर करते हुए वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में ब्रिटिश संसद सदस्य एवं ईलिंग साउथॉल (2007-2024) के पूर्व सांसद वीरेन्द्र शर्मा ने मुख्य भाषण दिया। उनका प्रेरणादायक जीवन संघर्ष, मेहनत के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने लंदन बरो आॅफ ईलिंग में लगभग 25 वर्षों तक काउंसलर और मेयर के रूप में सेवा निभाई तथा बाद में सांसद के रूप में संसदीय समितियों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने भारत-ब्रिटेन संबंधों को मजबूत करने और लोक नीति के विकास में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई। चांसलर डॉ. जोरा सिंह ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्हें समर्पण और ईमानदारी के साथ उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। वहीं अध्यक्ष डॉ. संदीप सिंह ने शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की नींव है। Amloh News
समारोह के दौरान विशिष्ट व्यक्तित्वों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मानद उपाधि और डी.लिट. से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त गवर्नर पदक, स्वर्ण पदक तथा पीएचडी, स्नातकोत्तर, स्नातक और सीओई कार्यक्रमों की डिग्रियां मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की गईं। समारोह का विशेष गौरवपूर्ण क्षण वह रहा जब भारतीय स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की पुत्री अनिता बोस फाफ ने जर्मनी से आॅनलाइन संबोधन करते हुए विद्यार्थियों को देश सेवा के प्रति समर्पण और सत्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। कुल मिलाकर 13वां दीक्षांत समारोह उत्साह, गौरव और प्रेरणा के वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा का एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ।
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