Param Pita Shah Satnam Ji: पूजनीय परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज, पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज के सत्संग (गुरुगद्दी से पहले) लगातार सुनते रहे। नाम शब्द प्राप्त करने के उद्देश्य से जब भी आप जी ‘नाम’ के अभिलाषी लोगों की कतार में बैठते, तो पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज हर बार यह कहकर आप जी को वहाँ से उठा देते, ‘‘भाई! अभी आपको नाम का हुक्म नहीं हुआ। आपको काल नहीं बुलाएगा, आप सत्संग में आते रहो।’’ MSG Maha Rahmokaram Month
एक बार जब पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज गांव गदराना में सत्संग फरमाने आए, तब आप जी की पूजनीय माता जी ने पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज जी के पावन चरण कमलों में अरदास की, ‘‘पूजनीय दयालु दातार साईं जी! आप हजारों लोगों का उद्धार करते हो, मेरे इकलौते पुत्र को भी ‘नाम’ दान बख्श दो जी।’’ पूजनीय माता जी की इस अरदास पर पूजनीय बेपरवाह जी ने फरमाया, ‘‘बेटा! सावन शाही मौज के हुक्म से इन्हें स्वयं बुलाकर नाम देंगे। अभी हुक्म नहीं हुआ।’’ MSG Maha Rahmokaram Month















