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    Delhi HC: सुनील गावस्कर पर्सनैलिटी राइट्स पर दिल्ली HC का 7 दिनों में कार्रवाई करने का निर्देश

    Delhi HC News
    Delhi HC: सुनील गावस्कर पर्सनैलिटी राइट्स पर दिल्ली HC का 7 दिनों में कार्रवाई करने का निर्देश

    Sunil Gavaskar Personality Rights: नई दिल्ली। बॉलीवुड के कई कलाकार-सलमान खान, अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन-के बाद अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। शुक्रवार को अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स और ऑनलाइन मध्यस्थों को निर्देश दिया कि वे गावस्कर की याचिका पर सात दिनों के भीतर आवश्यक कदम उठाएँ। गावस्कर ने अदालत से आग्रह किया था कि विभिन्न संस्थाओं को उनके नाम, चित्र, व्यक्तित्व या उससे मिलते-जुलते किसी भी तत्व का उपयोग बिना पूर्व अनुमति के करने से रोका जाए। Delhi HC News

    यह याचिका जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की अदालत में सुनवाई के लिए प्रस्तुत की गई। पूर्व क्रिकेटर ने अपनी अर्जी में दावा किया था कि कई संस्थाएँ उनकी पहचान और छवि का उपयोग व्यावसायिक लाभ के लिए कर रही हैं, जो उनके व्यक्तित्व अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।

    सलमान खान की याचिका पर भी कोर्ट का निर्देश | Delhi HC News

    गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने सलमान खान द्वारा दायर व्यक्तित्व अधिकारों से जुड़े मामले पर भी सुनवाई की थी। अदालत ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स को तीन दिनों के भीतर अभिनेता की शिकायत पर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया। कोर्ट ने सभी डिजिटल इंटरमीडियरीज़ को निर्देश दिया कि वे शिकायतों की जाँच सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के अनुसार करें।

    पिछले कुछ महीनों में दिल्ली हाई कोर्ट ने व्यक्तित्व अधिकारों से संबंधित कई बड़े मामलों—अमिताभ बच्चन, सलमान खान, अनिल कपूर और कंटेंट क्रिएटर राज शामानी—पर महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं। अदालत का मानना है कि किसी व्यक्ति को अपनी पहचान, छवि और व्यक्तित्व के व्यावसायिक उपयोग पर पूरा नियंत्रण होना चाहिए, विशेष रूप से ऐसे समय में जब डीपफेक और एआई-निर्मित सामग्री तेजी से बढ़ रही है।

    याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बिना अनुमति किसी की नकल करना या उनकी छवि का उपयोग करना न केवल पब्लिसिटी राइट्स का उल्लंघन है, बल्कि यह व्यक्ति की निजता और गरिमा पर भी आघात पहुँचाता है। हालाँकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि संविधान द्वारा संरक्षित क्षेत्र—जैसे कलात्मक अभिव्यक्ति, व्यंग्य, समाचार रिपोर्टिंग और टिप्पणी—इन आदेशों से अप्रभावित रहेंगे। Delhi HC News