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    विशेष गिरदावरी की मांग, किसानों का कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन

    Farmers protest
    विशेष गिरदावरी की मांग, किसानों का कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन

    Farmers protest: विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का विरोध करने की दी चेतावनी

    हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। नरमा की फसल में गुलाबी सुंडी से हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा देने व बीज-पेस्टीसाइड कंपनियों पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने सहित अन्य मांगों को लेकर किसानों ने सोमवार को पूर्व घोषणानुसार जिला कलक्ट्रेट के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। धरना-प्रदर्शन के बाद मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। इससे पहले धरनास्थल पर हुई सभा में रघुवीर वर्मा ने कहा कि पहले समय पर राजस्थान कैनाल को पानी न देने की वजह से फसलें कमजोर पैदा हुई। Farmers protest

    फिर कांग्रेस-भाजपा की सरकारों ने मिलकर नाली-घग्घर बैल्ट का पानी पाकिस्तान भेज दिया। बीज कंपनियों ने बीटी बीज के नाम पर घटिया बीज किसानों को उपलब्ध करवाया। इसका नतीजा यह है कि आज क्षेत्र की नरमा की फसल गुलाबी सुंडी ने तबाह कर दी है। इससे नरमा की पैदावार प्रभावित हुई है। वह नरमा की फसल भी मंडी में बिकने लायक नहीं होगी। उन्होंने मांग की कि स्पेशल गिरदावरी करवाकर बीज और पेस्टीसाइड कंपनी से किसान को मुआवजा दिलवाया जाए। किसान नेता सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि भारतमाला पीडि़त किसान लगातार चार साल तक आंदोलनरत रहे और धरना लगाकर जिला कलक्ट्रेट के समक्ष डटे रहे। लेकिन किसानों को आज भी मांग अनुसार बाजार भाव से मुआवजा नहीं मिला। अब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। Farmers protest

    मैनिफेस्टो में राजनीतिक पार्टियां बड़े-बड़े काम करवाने का उल्लेख कर रही हैं। लेकिन राजस्थान सरकार ने भारतमाला के मुआवजे को रिवाइज नहीं किया। अभी भी सरकार के पास समय है। अन्यथा इलाके का किसान इन चुनावों में वर्तमान कांग्रेस का डटकर विरोध करेगा। अगर आज भी सरकार भारतमाला का मुआवजा रिवाइज कर दे तो किसान को प्रति किला के हिसाब से 13-14 लाख रुपए मिल सकते हैं और किसानों की भरपाई हो सकती है। क्योंकि सरकार ने पौने पांच लाख रुपए प्रति किला के हिसाब से मुआवजा दिया है जो काफी कम है। Hanumangarh News

    ओम स्वामी ने बताया कि रीको क्षेत्र में रीको खुद की जमीन बता रहे हैं जबकि रीको ने न तो इस जमीन को खरीदा है और न ही यह जमीन रीको के नाम है। बावजूद इसके रीको की ओर से इस जमीन की मांग की जा रही है। इसलिए सरकार से मांग है कि वह जमीन किसानों के पास ही रहे, उसे रीको को न सौंपा जाए। उन्होंने बताया कि इन मांगों को लेकर 26 सितम्बर को संयुक्त मोर्चा की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। Rajasthan News

    मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में किसानों का कर्ज माफ करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों की सभी फसलों की खरीद सुनिश्चित करने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, भारतमाला 754के व रीको एरिया में आई जमीन का मुआवजा किसानों को बाजार भाव के अनुसार देने, घग्घर क्षेत्र को राइस बेल्ट घोषित करने, बकाया बीमा क्लेम की राशि का भुगतान करने, कुओं पर 12 घंटे बिजली देने, इंदिरा गांधी नहर परियोजना में चार समूह बनाकर दो समूह चलाने, भाखड़ा में 1872 क्यूसेक पानी चलाने आदि की मांग की गई। इस मौके पर रामेश्वर वर्मा, गुरपरविन्द्र सिंह, सतपाल, रामप्रताप, महेन्द्र कुमार, राधेश्याम, बीरबल दास, बहादुर सिंह, उग्रसेन भादू, मनीराम चाहर, राजेन्द्र भाम्भू, दलीप वर्मा आदि मौजूद थे। Farmers protest

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