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Tuesday, February 24, 2026
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    नागपुर के डेरा श्रद्धालु ने एक मरीज के लिए किया रक्तदान

    नागपुर (महाराष्ट्र)। “ट्रू ब्लड पम्प” कहे जाने वाले डेरा सच्चा सौदा अनुयाई विश्व भर में जरूरतमंदों को समयानुसार रक्त दान कर इंसानियत की मिसाल कायम किए हुए हैं। इसी क्रम में महाराष्ट्र के नागपुर जिले के इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय व रूग्णालय में भर्ती मरीज संगीता बागड़े को खून की कमी पड़ने की खबर मिलते ही डेरा सच्चा सौदा अनुयाई आकाश इन्सां ने अपना कामकाज छोड़ उक्त हस्पताल में जाकर मरीज को खून दान कर मानवता का फर्ज अदा किया। आकाश इन्सां के इस निस्वार्थ सेवा के जज्बे को देख मरीज संगीता बागड़े व उनके परिवार ने तहदिल से पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां का धन्यवाद किया जो उन्होंने आकाश इन्सां जैसे करोड़ों दिलों में इंसानियत की सेवा का जज्बा भरा है।

    क्यों करें रक्तदान

    हम रक्तदान करके किसी जरूरतमंद को जीवन दान दे सकते हैं। एक यूनिट रक्त दान कर चार जिंदगियां बचा सकते हैं। डॉक्टरों के अनुसार रक्तदान के बहुत फायदे हैं। रक्तदान करने से शरीर में नया रक्त बनता है तथा खून का संचार भी तेज होता है। जिससे हृदय स्वस्थ रहता है। रक्तदान रूपी महादान का मौका आप सभी के पास है।

    आइयें, जानते हैं रक्तदान के फायदे:

    रक्तदान से हार्ट अटैक की संभावना कम होती है। क्योंकि रक्तदान से खून का थक्का नहीं जमता, इससे खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा टल जाता है।
    डेढ़ पाव रक्तदान करने से आपके शरीर से 650 कैलोरीज कम होती है।
    आयरन की मात्रा को बैलेंस करने से लिवर हैल्थी बनता है और कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
    रक्तदान से शरीर में एनर्जी आती है। क्योंकि रक्तदान के बाद नया ब्लड सेल्स बनते हैं, जिससे शरीर में तंदरूस्ती आती है।
    रक्तदान करने से वजन कम करने में मदद मिलती है। इसलिए हर साल कम से कम 2 बार रक्तदान करना चाहिए।

    रक्त कौन दे सकता है?

    ऐसा प्रत्येक पुरूष अथवा महिला:-

    जिसकी आयु 18 से 65 वर्ष के बीच हो।
    जिसका वजन (100 पौंड) 48 किलों से अधिक हो।
    जो क्षय रोग, रतिरोग, पीलिया, मलेरिया, मधुमेंह, एड्स आदि बीमारियों से पीड़ित नहीं हो।
    जिसने पिछले तीन माह से रक्तदान नहीं किया हो।

    कितना रक्त लिया जाता है?

    प्रतिदिन हमारे शरीर में पुराने रक्त का क्षय होता रहता है ओर प्रतिदिन नया रक्त बनता रहता है।
    एकबार में 350 मिलीलीटर यानि डेढ़ पाव रक्त ही लिया जाता है (कुल रक्त का 20वां भाग)
    शरीर 24 घंटों में दिए गए रक्त के तरल भाग की पूर्ति कर लेता है।
    ब्लड बैंक रेफ्रिजरेटर में रक्त 4-5 सप्ताह तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

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