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Saturday, February 7, 2026
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    सेवादार बना देवदूत मौत के मुंह से खींच लाया मंदबुद्धि महिला को

    ट्रेन के सामने पटरियों पर खड़ी थी मंदबुद्धि महिला जान को दांव पर लगाकर बचाई जान, पल भर की देरी से हो जाती मौत

    श्रीगंगानगर (लखजीत इन्सां)। श्रीगंगानगर सूरतगढ़ रेल मार्ग पर तेज गति से दौड़ रहे ट्रेन के सामने खड़ी एक मंदबुद्धि महिला के लिए डेरा सच्चा सौदा का सेवादार देवदूत बनकर आया। सेवादार ने तेज गति से आ रही ट्रेन के सामने खड़ी महिला को देख चीते की गति से महिला को अपनी ओर खींचा, इसके साथ ही ट्रेन धड़ाधड़ करती हुई तेज गति से उनके पास से गुजर गई। जिसने भी यह दृश्य देखा वह सेवादार को धन्य धन्य कह उठा। पास के खेतों में काम कर रहे किसानों की माने तो एक पल की देरी भी मंदबुद्धि महिला की मौत का कारण बन जाती। महिला को बचाने के दौरान सेवादार खुद भी घायल हो गया और काफी देर बाद अपने को संभाल पाया। डेरा सच्चा सौदा के सेवादार राजेंद्र इन्सां डेरा सच्चा सौदा की मंदबद्धि व्यक्तियों को अपने परिजनों को मिलाने की मुहिम में विशेष भूमिका निभा रहा है जिसके लिए आईजी बीकानेर द्वारा पुलिस दिवस पर राजेंद्र इंसान को सम्मानित किया गया था।

    राजस्थान के जिला श्रीगंगानगर में बुधवार सायं को जोधेवाला के समीप एक मंदबुद्धि युवती ट्रेन की पटरियों पर घुम रही थी, सामने से ट्रेन आ रही थी। जिसे देखकर शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग के सेवादार राजेन्द्र इन्सां ने तुरंत अपने सतगुरू को याद कर ट्रेन की पटरी पर कूद गया और अपनी जान पर खेलकर पटरियों पर कूद कर मंदबुद्धि महिला की जान बचाई। इस घटनाक्रम में सेवादार राजेन्द्र इन्सां भी चोटिल हुए लेकिन अच्छी बात है कि वह अब सुरक्षित है।

    सच कहूँ से बातचीत करते हुए राजेन्द्र इन्सां ने बताया कि यह घटना कल देर शाम की है। शर्मा ने बताया कि कल एक सूचना मिली थी कि कोई मंदबुद्धि महिला है जो सड़को और रेल पटिरियों पर घूम रही है। तुरंत ही मैंने शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैल्फेयर फोर्स विंग की बहनों को फोन किया उन्हें मौके पर बुलाया और मेरा दोस्त महिला को ढूंढने निकल गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद बुधवार देर सायं युवती  हमें जोधेवाला के समीप ट्रेन की पटरी पर खडी मिली।  जैसे ही मैंने दूसरी ओर देखा कि सामने से ट्रेन आ रही है तुरंत मैंने पटिरियों पर कूद गया और महिला को दूसरी ओर खींचकर ले गया। अगर एक सैंकिड भी देर हो जाती तो दोनों की जान भी जा सकती थी। शर्मा ने बताया कि मंदबुद्धि महिला के साथ मेरी खुद की जान बचाने में पूज्य गुरू संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन दया मेहर को ही है  जिससे हम दोनों बच गए।

    अब तक 97 मंदबुद्धि लोगों को उनके परिजनों से मिलवाया

    राजेन्द्र इन्सां ने आगे बताया कि अब तक हमने 97 मंदबुद्धि युवक व युवतियों को उनकी सार-संभाल कर उनके परिजनों से मिलवा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज मुझे इस बात की खुशी हो रही है हमारी टीम ने एक महिला को सकुशल बचा लिया है। चाहे इस प्रयास के दौरान मैं मैं खुद घायल भी हो गया लेकिन मुझे लगी चोट किसी की जान को बचाने में सहायक बनी इससे बड़ा गौरव मेरे लिए कोई नहीं है।

    धन्य है सेवादार और उसका प्रयास: कुन्नर

    राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री क्षेत्रीय विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर ने सेवादार के सेवा जज्बे की सराहना करते हुए उसे धन्य धन्य कहा है। आज फोन पर राजेंद्र इन्सां से बातचीत करते हुए कुन्नर ने कहा कि राजेंद्र द्वारा किया गया प्रयास किसी की जान बचाने में सहायक बना इसके लिए जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। उन्होंने राजेंद्र इन्सां को मानवता भलाई कार्यो की शिक्षा देने के लिए डेरा सच्चा सौदा की सराहना भी की।

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