ईमानदारी जिंदा है : डेरा प्रेमी ने चलती बस में जीत लिया मुंबई के उमेश का दिल

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त्रिदेव दुग्गल ने 15 हजार का मोबाइल लौटा कर दिखाई ईमानदारी

मुंबई। महाराष्ट्र के पनवेल से स्थानीय निवासी उमेश मशुरेकर बुधवार को पनवेल से दादर जाने वाली बस में चढ़े तो अचानक उनका एंड्रॉयड मोबाइल जेब से निकल कर दूसरी सीट के नीचे जा गिरा। उमेश को जरा भी आभास नहीं था कि उनका मोबाइल गिर गया है। संयोग से उमेश का वह मोबाइल जिसकी कीमत लगभग 15 हजार रुपए है, साइड वाली सीट पर सवार डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी त्रिदेव दुग्गल और धीरज रोहिल्ला के पैरों में आ गिरा।

कुछ देर बाद जब उमेश ने टिकट के लिए पैसे निकालने चाहे तो पता चला कि जेब से मोबाइल गायब है, हड़बड़ा कर दाएं-बाएं फोन तलाशने लगे। इसी दौरान त्रिदेव दुग्गल ने उनको फोन लौटाया तो खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

उमेश मशुरेकर युवा कवि त्रिदेव दुग्गल की इस ईमानदारी के ऐसे कायल हुए कि उनके साथ वाली सीट पर आकर बात करने लगे। त्रिदेव ने उन्हें बताया कि कि हम डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी हैं और हमें ये शिक्षा पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां से मिली है।

तो उन्होंने भावुक होकर कहा कि गुरु जी को नतमस्तक होकर सैल्यूट है, जिनके शिष्य ऐसे घोर कलयुग में इंसानियत और ईमानदारी का परिचय देते हैं।

मुंबई जैसे महानगर में तो ईमानदारी और इंसानियत बेहद कम देखने को मिलती है। मैं पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के भलाई कार्यों से काफी प्रभावित हूँ। वे वाकयी बहुत बड़े समाज सुधारक हैं, दुआ करता हूँ कि संत जी जल्द से जल्द रिहा होकर समाज कल्याण कार्यों को फिर से गति दें।

इस दौरान त्रिदेव दुग्गल के साथ सेवादार साथी गौरव शर्मा इन्सां, रिंकू इन्सां, धीरज रोहिल्ला, सचिन इत्यादि भी मौजूद थे। ये सभी सेवादार महाराष्ट्र स्थित सुखदपुर धाम फलटन व परमसुख आश्रम कलोते मोकाशी में सेवा के बाद लौट रहे थे।

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