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    साध-संगत का सुमिरन अभियान जोरों पर

    Meditation Competition

    उत्तर प्रदेश के तीन जिलों में गाजियाबाद रहा अव्वल

    नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। ज्यों-ज्यों कलियुग का प्रभाव चल रहा है, वैसे-वैसे मालिक की रहमतें भी कई गुणा बढ़ गई हैं। राम नाम तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। इन्सानियत के पुजारी डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी निरंतर सुमिरन में तल्लीन हैं। जानकारी के अनुसार हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों व देश और दुनिया में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी निरंतर सेवा और सुमिरन में तल्लीन है। 25 अगस्त की घटना के बावजूद भी डेरा अनुयायियों द्वारा मानवता भलाई के 133 कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।

    गत उत्तर प्रदेश के तीन जिलों गाजियाबाद, मेरठ, और गौतमबुद्धनगर की साध-संगत ने सुमिरन का मुकाबला शुरू किया।। इसके अंतर्गत साध-संगत द्वारा रोजाना कितना सुमिरन किया, उसे लिखकर करके रखा गया और इसकी सूचना अपने-अपने ब्लॉकों के जिम्मेवारों को दी गई। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर गाजियाबाद शहर में 97 लोगों ने 25 दिन में 78312 मिनट यानि 1305 घंटे सुमिरन करके सबसे आगे रहा।

    इसके अलावा इसी जिले के विजय नगर क्षेत्र में 63 लोगों ने 25 दिन में 1252 घंटे सुमिरन करके खुशियों का खजाना पाया। वहीं दादरी की साध-संगत ने 900 घंटे, धूममानिकपुर की साध-संगत ने 700 घंटे तथा नोएडा फेस टू की साध-संगत ने दो पखवाड़े में 550 घंटे और 2 महीनों में 1100 घंटे सुमिरन करके अपने सतगुरु के प्रति दृढ़ विश्वास जताया। सुमिरन के इन आंकड़ों की घोषणा सच कहूँ न्यूज के लाइव कार्यक्रम में शुक्रवार शाम की गई।

    क्या करें जिम्मेवार

    साध-संगत जिम्मेवार 15 दिन में कितने लोगों ने कुल कितना सुमिरन किया, इसका आंकड़ा मोबाइल नंबर 07983801010 पर व्हाटसेप से भेज दें। अन्य जानकारी के लिए इस व्हाटसेप नंबर पर मैसेज भेजें।

    सुमिरन अभियान में भाग लेने के लिए क्या करें

    • सभी परिवार अपने प्रत्येक सदस्य को प्रतिदिन सुमिरन के लिए प्रोत्साहित एवं प्रेरित करें।
    • अपने परिवार के सुमिरन का डाटा स्वयं प्रतिदिन तैयार करें और इसके लिए एक डायरी या कॉपी लगा लें।
    • ब्लॉक के जिम्मेवार सदस्य को अपने परिवार के हर सदस्य के सुमिरन का पूरा विवरण सही-सही दें।
    • परिवार के सभी सदस्य अपनी सुविधानुसार सुमिरन के लिए एक साथ या अलग-अलग समय निर्धारित कर सकते हैं।
    • सुमिरन 24 घंटे में अलग-अलग बार भी किया जा सकता है, जिसको जोड़कर लिख सकते हैं।
    • जिन परिवारों में वर्तमान में सुमिरन चल रहा है, वो चाहे अमृत वेला 2-5 बजे हो, सुबह या शाम का हो, रात 9 बजे का हो,
      सभी को इस अभियान में शामिल माना जाएगा।