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    Sirsa Flood: इधर सेवादारों ने बांधे बाँध, उधर ग्राम पंचायतों ने तारीफों के पुल

    Sirsa Flood
    संकट में फरिश्ता बनकर आए डेरा सच्चा सौदा के सेवादार

    बोले: संकट में फरिश्ता बनकर आए डेरा सच्चा सौदा के सेवादार

    सरसा/ओढ़ां (सच कहूँ/राजू )। Sirsa Flood: घग्गर के पानी से लोगों को बचाने में डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने दिन-रात एक कर दिया। सेवादारों के सेवा भाव के आगे घग्गर का तीव्र वेग भी सोमवार को कुछ शांत नजर आया। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सदस्य पिछले कई दिनों से लगातार लोगों को बचाने में जुटे रहे। इसके साथ-साथ सेवादारों ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में खाने-पीने की वस्तुएं पहुंचाने के साथ-साथ मेडिकल सुविधा सहित अन्य राहत कार्य भी जारी रखे। सेवादारों के नि:स्वार्थ सेवा के जज्बे की हर किसी की जुबान पर सराहना है। Sirsa Flood

    उनका कहना है कि अगर डेरा सच्चा सौदा के सेवादार न होते तो स्थिति काफी विकट हो जाती। वहीं पंचायतों व गणमान्य लोगों ने भी सेवादारों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में सेवादार संकट मोचक साबित हुए। गौरतलब है कि पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने बरनावा आश्रम में पधारने के बाद बाढ़ पीड़ितों के लिए भगवान से प्रार्थना की थी और इसके साथ ही आपजी ने डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत से आह्वान किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करें।

    पूज्य गुरु जी के पावन वचनों पर अमल करते हुए साध-संगत ने हरियाणा और पंजाब में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया, जिसके तहत जहां घग्गर नदी के तटबंधों को मजबूत किया, वहीं पीड़ितों को भोजन, पेयजल, बच्चों के लिए दूध से लेकर पशुओं के लिए चारा तक घर-घर जाकर उपलब्ध करवाया।

    सेवादारों का दिल की गहराइयों से धन्यवाद | Sirsa Flood

    संकट काफी विकट आया था। लेकिन सभी के सहयोग से फिलहाल टल गया है। इस घड़ी में डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों की जो भूमिका रही वो अपने आप में बहुत बड़ी मिसाल है। मैं सेवादारों की जितनी प्रशंसा करूं उतनी ही कम है। मैंने इस समय स्वयं देखा कि सेवादार किस तरह से अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने में जुटे थे। न दिन देखा-न रात। यही तो है सच्ची इंसानियत। मैं पूरी पंचायत की तरफ से पूज्य गुरु जी व सभी सेवादारों का आभार व्यक्त करती हूँ, जिन्होंने हम सब के लिए बहुत कुछ किया। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग सही मायने में इंसानियत की रक्षक है।                                                                      नीतू रानी, सरपंच (गांव पनिहारी)।

    हमारा गांव घग्गर के निशाने पर था क्योंकि हमारा गांव घग्गर के तटबंध के बिल्कुल ऊपर बसा हुआ है। अगर यहां से तटबंध टूटता तो सबसे पहले हमारा गांव ही डूबता। रात के समय जब तटबंध में लिकेज हुआ तो मैंने इसकी सूचना डेरा सच्चा सौदा में दी। सूचना देते ही तुरंत शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के काफी सदस्य मौके पर पहुंच गए और मोर्चा संभालते हुए हमें बचाया। इसके अलावा सेवादारों ने तटबंधों को भी मजबूत किया। मैं पूरी पंचायत व समस्त ग्रामवासियों की तरफ से सेवादारों का धन्यवाद व्यक्त करता हूं। खुद की जान जोखिम में डालकर औरों को बचाना बहुत बड़ी बात है।

                                                                          कर्मजीत सिंह, सरपंच (गांव रंगा)।

    हमारे गांव के चारों ओर घग्गर का पानी फैल गया था। गांव से निकलने का भी रास्ता नहीं बचा। ऐसे में डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों ने ट्रैक्टर-ट्रालियां व अन्य संसाधनों के जरिए हमारे पास मदद पहुंचाई। मैं सेवादारों की जितनी प्रशंसा करूं उतनी ही कम है। शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादारों जैसा परहित का जज्बा मैंने और कहीं नहीं देखा। हमारे गांव में सेवादार गहरे पानी में उतरकर किस तरह से तटबंध मजबूत कर रहे थे ये देखकर मुंह से बस यही निकलता है कि सेवा हो तो ऐसी। मैं पूरी पंचायत व ग्रामीणों की तरफ से पूज्य गुरु जी का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने सेवादारों में सेवा का ऐसा जज्बा भरा है। ये सेवादार फरिश्तों से कम नहीं।

                                                                           मनोज मैहता, सरपंच (बुर्जकर्मगढ़)।

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