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    Diabetes in Children: बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज की बढ़ रही समस्या: डॉ सौरभ शिशिर, एक्सपर्ट ने बताये बीमारी से बचाव के उपाय

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    Diabetes in Children: बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज की बढ़ रही समस्या: डॉ सौरभ शिशिर, एक्सपर्ट ने बताये बीमारी से बचाव के उपाय

    बड़ौत सन्दीप दहिया। Diabetes: यथार्थ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा में कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ शिशिर अग्रवाल बडौत नगर में पत्रकारवार्ता के दौरान बच्चों में बढ़ रही डायबिटीज की समस्या पर चिंता जाहिर करते हुए बचाव के उपाय बताए। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी का असर ये हुआ कि बच्चों में एक अप्रत्याशित परेशानी पनपने लगी। यंग बच्चों में टाइप-2 डायबिटीज की समस्याएं पैदा हो रही हैं और उसके बहुत ही तेजी से दुष्प्रभाव भी बढ़ रहे हैं।यदि समय से इसका इलाज न किया जाए बढ़ता ब्लड ग्लूकोज लेवल खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है और हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है।

    उन्होंने बताया कि बच्चों के टाइप-2 डायबिटीज को लेकर धारणा है कि ये बड़ों को होनी वाली डायबिटीज का एक हल्का रूप है। हालांकि, ये धारणा गलत है क्योंकि बच्चों की टाइप-2 डायबिटीज कहीं ज्यादा एग्रेसिव, तेजी से बढ़ने वाली है और इसके इलाज में विफलता का रेट भी ऊंचा है।

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    बच्चों में कैसे होती टाइप-2 डायबिटीज | Diabetes in Children

    अगर किसी डायबिटीज फैमिली हिस्ट्री हो, ज्यादा वजन हो, फिजिकल एक्टिविटी कम हो तो टाइप-2 डायबिटीज होने की आशंका रहती है। कोरोना महामारी में लॉकडाउन लगा तो ये दिक्कतें और ज्यादा बढ़ गईं।बच्चे घरों के अंदर कैद हो गए, खेल कूद बंद हो गया और एक्सरसाइज से भी दूर हो गए।

    डायबिटीज को रोकने के उपाय

    इस टाइप 2 डायबिटीज की इस रोकथाम योग्य “महामारी” को रोकने के लिए, तत्काल एक्शन की जरूरत है। हमें छोटे बच्चों को खाने की सही आदतों को अपनाने और रेगुलर फिजिकल एक्सरसाइज करने के लिए मोटिवेट करना होगा। बच्चों की लाइफ में हेल्दी लाइफस्टाइल को शामिल करना होगा। जो स्कूल हैं उन्हें न्यूट्रिशन और फिजिकल एजुकेशन प्रोग्राम चलाने की जरूरत है जो बच्चों को एम्पावर कर सकें और अपनी हेल्थ को सही रखने के लिए विकल्प दे सकें। बच्चों में इस तरह के बदलाव लाकर उनकी हेल्थ को बेहतर किया जा सकता है।

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