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    Doctors Strike: प्रदेश में तीन घंटे बाधित रही ओपीडी सेवाएं, मरीज बेहाल

    Sangrur News
    Doctors Strike: प्रदेश में तीन घंटे बाधित रही ओपीडी सेवाएं, मरीज बेहाल

    पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेस एसोसिएशन के आह्वान पर हड़ताल पर रहे डॉक्टर

    • सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों की लगी लम्बी लाईनें | Sangrur News

    संगरूर (सच कहूँ/नरेश कुमार)। Doctors Strike: सरकारी डॉक्टरों का प्रमुख संगठन पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेस एसो. द्वारा पंजाब भर के सभी सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों में 9 सितम्बर से घोषित की गई हड़ताल सोमवार को शुरु हो गई। आज 8 बजे से 11 बजे तक ओपीडी सेवाएं बन्द रखी गई। इस दौरान जहां डॉक्टरों ने काम छोड़कर हड़ताल की, वहीं मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। Sangrur News

    कई गंभीर मरीजों को निजी अस्पतालों में दाखिल करवाना पड़ा। इस दौरान जिन मरीजों को हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं थी, वह अस्पतालों में पहुंचकर परेशान होते रहे और सभी अस्पतालों में काफी भीड़ दिखाई दी। मेडिकल अधिकारियों ने सरकार प्रति अपनी मांगों संबंधी पैंफलेट बांटे, फ्लैक्स बैनर और भाषणों द्वारा मरीजों को अपनी मांगों प्रति अवगत करवाया। वहीं सुरक्षा के मुद्दे पर लेडी डॉक्टरों में काफी रोष देखने को मिला, क्योंकि बीते दिन ही मोहाली में एक गर्भवती डॉक्टर पर ड्यूटी दौरान हमला किया गया। Sangrur News

    उल्लेखनीय है कि पहले एसोसिएशन द्वारा अनिश्चितकालीन बन्द का ऐलान किया गया था लेकिन स्वास्थ्य मंत्री द्वारा की गई अपील और कैबिनेट की सब कमेटी के तौर पर वित्तमंत्री के साथ एसो. को मीटिंग करवाए जाने का निमंत्रण देने के बाद डॉक्टरों ने मरीजों व लोकहित्त को देखते हुए अपना प्रदर्शन कम कर दिया। उन्होंने कहा कि हम बातचीत के लिए उचित माहौल बनाए रखना चाहते हैं क्योंकि अभी भी स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए सुरक्षा प्रबंधोंं के भरोसे जमीनी स्तर पर नहीं पहुंचे, न ही सरकार बार-बार मीटिंगों में समयबद्ध तरीकों संबंधी कोई नोटीफिकेशन लेकर आई है। उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी सरकार ने अपना ढ़ीला रवैया बनाए रखा तो सरकार की किसी भी बता पर भरोसा करना मुश्किल हो जाएगा।

    यह आंदोलन अपनी जायज प्रमुख मांगें मनवाए बिना नहीं रूकेगा। वहीं एसोसिएशन ने अपनी आगामी नीति के बारे में कहा कि इस हड़ताल को तीन भागों में बांटा गया है। पहले तीन दिन के लिए सिर्फ आधा दिन ओपीडी बन्द रहेगी और अगर सरकार फिर भी मांगें नहीं मानती तो फेस दो में 12 सितम्बर से पूरे समय के लिए सभी सेवाएं बंद की जाएंगी। सिर्फ एमरजैंसी मरीजों की जरूरत को देखते हुए सेवाएं बहाल रखी जाएंगी इसके बाद भी 16 सितम्बर तक अगर नौबत आई तो हर तरह की मेडिको लीगल सेवाएं भी डॉक्टर मजबूर होकर छोड़ देंगे।

    मरीजों व उनके परिजनों को झेलनी पड़ी परेशानियां | Sangrur News

    सोमवार को डॉक्टरों की हड़ताल के चलते विभिन्न जगहों से आए मरीजों व उनके परिजनों को परेशानी होती रही। कई मरीजों व उनके पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि वह अस्पताल में आए थे, लेकिन यहां आकर पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं, जिस कारण उन्होंने अपने मरीजों को प्राईवेट अस्पतालों में दाखिल करवाया। उन्होंंने कहा कि ऐसी हड़ताल संबंधी पहले जानकारी होनी बेहद जरूरी है।

    सिविल अस्पताल नाभा में तीन घंटे बंद रही ओपीडी सेवाएं

    • सरकारी अस्पतालों की रिक्त पड़ी 75 फीसदी भर्तियों को पूरा न करने सहित अन्य मांगें न मानने का मामला
    • सरकारी डॉक्टरों की तीन दिनों के लिए तीन घंटे की सांकेतिक हड़ताल शुरू | Nabha News

    नाभा (तरूण कुमार शर्मा)। Nabha News: पंजाब सिविल मेडिकल एसो. के आह्वान पर सोमवार को स्थानीय सिविल अस्पताल नाभा में ओपीडी सेवाएं तीन घंटों के लिए बन्द रहीं, जिस कारण मरीजों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों ने बताया कि आज डॉक्टरों की हड़ताल के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यहां पहुंचने के बाद ही उनको पता चला कि आज तीन घंटों के लिए सभी सेवाएं बंद हैं, जिस कारण उनको मुश्किलें झेलनी पड़ीं।

    उल्लेखनीय है कि नाभा सिविल अस्पताल में धूरी, अमलोह हलकों के साथ लगते क्षेत्रों से सैंकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं। धूरी से नाभा अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे अमरीक सिंह ने बताया कि वह अपने बेटे के इलाज और टैस्ट के लिए आज जब नाभा पहुंचा तो डॉक्टरों द्वारा तीन घंटे की हड़ताल के बारे में पता चला। उन्होंने कहा कि आज वह अपनी दिहाड़ी छोड़कर अपने बेटे के इलाज के लिए यहां आया था परंत यहां आकर हड़ताल की सूचना ने उसका सारा कामकाजी शड्यूल ही हिला दिया है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी डॉक्टरों की हड़ताल के बावजूद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने से डॉक्टरों के कमरों के बाहर मरीजोंं की लम्बी लाईनें लगी नजर आर्इं।

    मरीजों को समय पर सेवाएं देने के लिए डॉक्टरों का सुरक्षित रहना जरूरी: डॉक्टर

    वहीं उपस्थित एक मेडिकल अधिकारी ने बताया कि आज की यह हड़ताल राज्य स्तरीय है, जिसमें सरकारी अस्पतालों की रिक्त पड़ी 75 फीसदी भर्तियों को पूरा करने व अस्पतालों की जरूरी जरूरतों को पूरा करने सहित अस्पतालों में सेवाएं दे रहे मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने के साथ जुड़ी प्रमुख मांगें सरकार समक्ष रखी गई हैं परंतु सरकार इन मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही। इस कारण ही पंजाब की मेडिकल एसो. को मजबूरीवश तीन घंटों की सांकेतिक हड़ताल शुरू करनी पड़ी है। Nabha News

    उन्होंने माना कि आज की हड़ताल से मरीजों की परेशानियां जरूर बढ़ी हैं, लेकिन अपने आप को सुरक्षित रखना सभी का मौलिक अधिकार है। इसलिए मरीजों को समय पर सही सेवाएं देने के लिए डॉक्टरों का सुरक्षित रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों कोलकाता में घटी दर्दनाक घटना से पंजाब में कई ऐसी घटनाएं लगातार घट रही हैं, जिनमें असामाजिक तत्वों द्वारा सरकारी ड्यूटी पर तैनात मेडिकल स्टाफ को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह हड़ताल लगभग तीन दिन चल्लेगी और जिसके बाद सेहत विभाग के डायरैकटर सहित उचित अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद एसोसिएशन द्वारा आगामी कार्रवाई को लेकर निर्णलय लिया जाएगा। Sangrur News

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