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    New Traffic Rules: वाहन चालक हो जाओ सावधान, बदल गए है नियम, अब इतने साल तक चला सकोगे, कैबिनेट में लिया गया फैसला, जानिये

    New Traffic Rules
    New Traffic Rules: वाहन चालक हो जाओ सावधान, बदल गए है नियम, अब इतने साल तक चला सकोगे, कैबिनेट में लिया गया फैसला, जानिये

    New Traffic Rules: चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को यहां हुई कैबिनेट की बैठक में हरियाणा मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1993 के तहत टूरिस्ट परमिट के अनुसार चलने वाली टूरिस्ट गाड़ियों को चलाने की अवधि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन नियमों को हरियाणा मोटर व्हीकल्स (संशोधित) नियम, 2025 माना जाएगा। संशोधित नियम अनुसार, एनसीआर में आॅल इंडिया टूरिस्ट परमिट पर पेट्रोल या सीएनजी पर चलने वाली गाड़ियों को 12 साल तक चलाने की इजाजत होगी, जबकि इसी परमिट कैटेगरी की डीजल गाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा 10 साल तक चलाने की इजाजत होगी। नॉन-एनसीआर एरिया के लिए, पेट्रोल या सीएनजी और डीजल पर चलने वाली आॅल इंडिया टूरिस्ट परमिट गाड़ियों की भी ज्यादा से ज्यादा 12 साल तक चलाया जा सकेगा।

    गैर एनसीआर में बसों सहित बड़ी गाड़ियों की मियाद रहेगी 15 साल

    वहीं गैर-एनसीआर इलाकों के लिए, पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक या दूसरे स्वच्छ र्इंधन और डीजल पर चलने वाली स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, गुड्स कैरिज और स्कूल बसों समेत बाकी सभी परमिट की गाड़ियों को चलाने की ज्यादा से ज्यादा 15 साल तक की अवधि होगी। वहीं एनसीआर इलाके में स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, गुड्स कैरिज और स्कूल बसों समेत शेष सभी गाड़ियों के परमिट के लिए, पेट्रोल, सीएनजी, इलेक्ट्रिक या दूसरे इंधन पर चलने वाली गाड़ियों की ज्यादा से ज्यादा अवधि 15 साल तय की गई है। हालांकि, केवल एनसीआर इलाके में इस टाइप के परमिट के तहत चलने वाली डीजल गाड़ियों के लिए ज्यादा से ज्यादा 10 साल तक चलाया जा सकेगा।

    एचसीएस मुख्य परीक्षा में अब होंगे 6 पेपर

    मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा सिविल सेवा (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) नियम, 2008 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इन नियमों को हरियाणा सिविल सेवा (एग्जीक्यूटिव ब्रांच) संशोधन नियम, 2025 कहा जाएगा। संशोधन के अनुसार, एचसीएस मुख्य परीक्षा में पेपरों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है, जो कुल 600 अंकों के होंगे। संशोधित संरचना के अनुसार, अंग्रेजी का पेपर और हिंदी का पेपर प्रत्येक 100 अंकों का होगा। इसके अलावा, अब 4 जनरल स्टडीज के पेपर होंगे और प्रत्येक पेपर 100 अंकों का होगा। हालांकि, प्रारंभिक परीक्षा में कोई बदलाव नहीं होगा, जो केवल स्क्रीनिंग के लिए होगी और 200 अंकों की होगी। पर्सनैलिटी टेस्ट भी पहले जैसा ही रहेगा और 75 अंकों का होगा।